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इमरजेंसी श्रेणी में आते ही प्राधिकरण ने लागू किया ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान 

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sudhanshuBy sudhanshu

Published on 29 Oct 2018 3:04 PM GMT

इमरजेंसी श्रेणी में आते ही प्राधिकरण ने लागू किया ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान 
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नोएडा: शहर में हवा की गुणवत्ता सोमवार के सीवियर प्लस या इमरजेंसी श्रेणी में लौट आई। इसके मद्देनजर निगरानी एजेंसियों ने अगले कुछ घंटों में हवा में विषाक्तता बढ़ने का अनुमान लगाया है। हवा में पीएम 2.5 व पीएम 10 का स्तर बढ़ना जारी है। ऐसे में नोएडा प्राधिकरण ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) सोमवार से लागू कर दिया है।

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10 नवंबर तक नहीं होंगे कंस्‍ट्रक्‍श्‍न कार्य

इस एक्‍शन प्‍लान के तहत आज से 10 नवंबर तक शहर में किसी भी तरह का कंस्ट्रक्शन कार्य नहीं होगा। वह प्राधिकरण से संबंधित हो या अन्य विभाग, बिल्डर या अन्य कोई हो। कहीं भी कंस्ट्रक्शन कार्य नहीं किया जा सकेगा। इसके अलावा करीब एक दर्जन ऐसे कारकों पर रोक लगाई जा रही है। जिनसे प्रदूषण बढ़ने का खतरा है।

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सांस लेना हुआ मुश्किल

दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण से सांस लेना मुश्किल है। दीवाली के आसपास स्थिति और बिगड़ने की आशंका है। ऐसे में प्राधिकरण ने आज से ग्रेडेड एक्शन प्लान लागू कर दिया है। इसके तहत शहर में स्टोन क्रेशर और हॉट मिक्स प्लांट बंद पूरी तरह से बंद कर दिए गए है। इसके साथ ही प्रदूषण को नियंत्रित करने का प्रयास किया जाएगा। इसे लेकर यूपीपीसीबी और नोएडा प्राधिकरण ने कार्ययोजना तैयार कर ली है। प्रदूषण की रोकथाम के लिए वर्क सर्किल अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है। ऐसा कोई काम नहीं किया जाएगा, जिसमें निर्माण सामग्री का प्रयोग होता है और उससे धूल उड़ती है। स्टोन क्रेशर व हॉट मिक्स प्लांट आदि धूल उड़ाने वाले सभी तरह के प्लांट भी पूरी तरह बंद रहेंगे।

कोयले व बायोमास से चलने वाले वाले उद्योगों को भी बंद करने का निर्णय यूपीपीसीबी द्वारा लिया गया है। एक्शन प्लान के तहत बिजली विभाग को कम से कम कटौती और ट्रिपिंग करने को कहा गया है, ताकि जनरेटर का प्रयोग न हो। इस दौरान सभी वर्क सर्किल के अधिकारी नेतृत्व वाली टीम के साथ यूपीपीसीबी की टीम भी निरीक्षण करेगी।

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मुख्य सचिव को लिख पत्र

शहर में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए कोयले से चलने वाली औद्योगिक इकाईयों को बंद करने व आपात स्थिति से निपटने के लिए यूपीपीसीबी ने मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। ताकि वहां से सलाह मशवरा व निर्देशों के पालन कराने में किसी प्रकार की बाधा न आए। इसके अलावा बाजारों में कोयला व लकड़ी से जलाकर उत्पाद या भोज्‍य पदार्थ बनाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

एक्शन प्लान के तहत ये रहेगा बंद

-प्रत्येक प्रकार के कंस्ट्रक्शन कार्यो पर रोक

-हॉट मिक्सिंग प्लांट, स्टोन क्रशर, ब्रिक क्रशर पर रोक

-डीजल जनरेटर पर रोक

-पार्किंग फीस में तीन से चार गुना तक बढ़ोतरी की जा सकती है।

-पब्लिक ट्रांसपोर्ट जिसमे बस व मेट्रो के फेरों में बढ़ोतरी।

-खुले में कचरा/ लकड़ी व किसी प्रकार की कोयला भट्टी जलाने पर रोक।

-सिर्फ दीवाली पर तय समय पर पटाखा चलाने की अनुमति।

-बाहरी ट्रको के शहर में घुसने पर पाबंदी।

-डीजल वाहनों पर रोक।

ये हो रहे प्रयास

-सड़को व फुटपाथ पर पानी का छिड़काव

-कंस्ट्रक्शन साइटों को ढकने के निर्देश

-मुख्य सड़को पर मेकेनिकल स्वीपिंग

-पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के लिए पौधरोपण

-टास्क फोर्स का गठन

-प्रदूषण फैलाने पर लगेगा जुर्माना

आसमान में दिन भर छाई रही धुंध

वायु की गुणवत्ता गिरती जा रही है। सोमवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक सेक्टर-125 में सुबह सात बजे पीएम-10 का स्तर 412 पहुंच गया। वहीं,पीएम-2.5 का स्तर 201 रहा। वहीं, शाम चार बजे पीएम-10 का स्तर 374 रिकार्ड किया गया। दिनभर आसमान में धूल की चादर छाई रही। सूरज की रोशनी भी काफी कम रही। लोगों को सांस लेने में काफी दिक्कत हुई। लोगों का कहना है दीवाली के बाद प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी होनी तय है। ऐसे में अभी यह हाल है तो आगे क्या होगा।

क्या कहते है अधिकारी

राजेश सिंह ओएसडी नोएडा प्राधिकरण ने बताया कि शहर में ग्रेडड रिसपांस एक्शन प्लान लागू कर दिया गया है। इसके तहत सभी तरह के कंस्ट्रक्शन कार्यों पर रोक लगा दी गई है। प्रदूषण का स्तर कम रहे लिहाजा शहरवासियों को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है।

अनिल कुमार सिंह क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी ने बताया कि शहर में कोयले से चलने वाले उद्योगों को बंद कराया जाएगा। साथ ही बाजारों में कोयला भट्टी का प्रयोग कर रहे दुकानों में भी इसकी रोक लगा दी गई है।

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