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टुडे इज लास्ट डे, तो अभी से हो जाओ शुरू.....कैंपस प्‍लेसमेंट के लिए ये हैं हिट फंडे 

Rishi

RishiBy Rishi

Published on 21 March 2017 12:47 PM GMT

टुडे इज लास्ट डे, तो अभी से हो जाओ शुरू.....कैंपस प्‍लेसमेंट के लिए ये हैं हिट फंडे 
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लखनऊ : कोर्स के लास्ट ईयर में हो गुरु, तो कैम्पस प्लेसमेंट में शामिल होने के लिए अभी से बेल्ट बांध लो। पहला काम ये है कि पता करो कि कैम्पस में कौन सी कम्पनियाँ आ रही है? इनमें से शार्ट लिस्ट तैयार करो कि कौन सी कंपनी में वर्क करना मजेदार रहेगा और कंपनी इस बार किस पोस्ट के लिए कैम्पस आ रही है। लास्ट इयर के इंटरव्यू में स्टूडेंट्स से क्या सवाल किये गए थे? इससे ये अंदाजा हो जाएगा कि कंपनी कैसे सवाल करती है। कोई जुगाड़ निकालो जिनका प्लेसमेंट हो चूका है उन्होंने क्या जवाब दिए थे।

होमवर्क की आदत नहीं है तो डाल लो

कंपनी की डिमांड के मुताबिक अपने को तैयार करो। कंपनी का बिजनेस क्या है, कहाँ ब्रांच है, अचीवमेंट क्या है ये सब पता होने चाहिए| कंपनी के लिए तुम ही बाकी स्टूडेंट से बेस्ट क्यों हो और कंपनी आपको ही क्यों सेलेक्ट करे ये तुम्हे बताना है उसे जो तुम्हारा इंटरव्यू ले रहा है। मालिक एक बात और जिस भी फील्ड में स्टडी कर रहे हो उस में क्या नया चल रहा है कैसी प्रॉब्लम आती है उनको सॉल्व करने के स्मार्ट तरीके क्या हो सकते हैं इसकी तैयारी ज़रूर करना| इससे कॉन्फिडेंस लेबल बढ़ेगा साथ ही इंटरव्यू लेने वाले पर भी पॉजिटिव इम्पैक्ट पड़ेगा।

सिर्फ किताबी कीड़े नहीं प्रैक्टिकल वाले बन्दे

कंपनियां सिर्फ डिग्री और थ्योरी नॉलेज नहीं देखती ! उन्हें इससे मतलब नहीं कि आपके नोट्स गल्स के लिए कोहेनूर हैं उनको तो प्रैक्टिकल नॉलेज से भी मतलब है। प्लेसमेंट के समय इंटरव्यू लेने वाला देखता है कि बंदा नॉलेज का यूज कंपनी को बढ़ाने में किस तरह कर सकता है। समझ गए या नहीं नहीं समझे तो समझों सिर्फ किताबी ज्ञान से कुछ नहीं होना है ड्रीम जॉब चाहिए तो प्रैक्टिल प्रैक्टिस शुरू कर दो।

ओवर कॉन्फिडेंट हैं तो लुटिया डूबेगी

कॉन्फिडेन्स और ओवर कॉन्फिडेंस में बस सीता और रीटा का अंतर होता है। प्लेसमेंट से पहले सब्जेक्ट की पूरी तैयारी अच्छे से की है, सीनियर से भी बात हो गयी है उन्होंने टिप्स भी दे दिए मामला चकाचक हो गया है अब तो दुनिया मुट्ठी में है ऐसा सोच रहे हो तो निकाल फेंको अपनी ये सोच बंटा धार करवाएगी यो सोच| हमेशा सीखने वाला एटीट्यूड रखना। बॉडी लैंग्वेज से पता नहीं चलना चाहिए कि सामने बैठा स्टूडेंट ओवर कॉन्फिडेंट हैं। इंटरव्यू करने वाले को दिखाओ कि कितना पैशन है तुम्हारे अन्दर|

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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