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कर्मियों की बाजीगरी: बैंक रातभर छोड़ दी खुली, फिर पहुंचा एक काॅल, सब रह गए सन्न

Employees Forget to Closed Bank : कर्मचारी निकलने की जल्दी में बैंक खुली ही छोड़ गए । मल्लब शटर से लेके चैनल सब खुला । शुक्कर की शाम से शनि की दोपहर तक सब खुला पड़ा रहा ।

Nitendra Verma

Nitendra VermaWritten By Nitendra VermaShivaniPublished By Shivani

Published on 26 July 2021 3:22 AM GMT

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नितेंन्द्र वर्मा 

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Employees Forget to Closed Bank : भैया एक बात बता दें । जईसी ईमानदारी, सच्चाई, सभ्यता कानपुर के लोगों में हैं वईसी दुनिया के किसी कोने में नहीं मिलेगी । चाहे लालटेन लइके ढूँढिये चाहे हैलोजन नहीं मिलेगी मतलब नहीं मिलेगी । असली रामराज्य तो यहीं है । रामराज भी अईसा वइसा नहीं । मतलब हाल ये है कि लोग घरों के दरवाजे तक खुल्ला छोड़ के सो जाते हैं । मजाल है कि चोर उचक्के झाँकने की भी हिमाकत कर सकें ।

कानपुर में बैंक खुला छोड़कर चल गए कर्मचारी

हल्के में लेने की गलती न करियेगा । हम झक्क जरूर लड़ाते हैं गप्प नहीं । प्रत्यक्षम किम प्रमाणं । कानपुर की एक बैंक शाखा का काण्ड आपको बताते हैं । हुआ यूं कि फ्राइडे का डे था । सब कर्मचारी जल्दी जल्दी काम निपटाने में जुटे थे । अब क्या है कि हफ्ते भर हाड़तोड़ मेहनत के बाद तो छुट्टी मिलती है । जो दूर दराज के हैं उनको बस औ ट्रेन भी पकड़नी होती है ।

तो बस जोश जोश में सब फटाफट काम निपटाए औ निकल लिए । अब ये अउर बात है कि निकलने की जल्दी में बैंक खुली ही छोड़ गए । मल्लब शटर से लेके चैनल सब खुला । शुक्कर की शाम से शनि की दोपहर तक सब खुला पड़ा रहा । लेकिन भैया मजाल है कि किसी ने अंदर झाँकने की कोशिश तक की हो । बस आप यहीं से कानपुर और कनपुरियों का मिजाज भांप लीजिये ।


रातभर खुली रही बैंक बच गई चोरों की नजरों से

ये तो भला हो उन सज्जन का जो वहीं लगे एटीएम से पैसा निकालने आये थे । देखे कि सब खुला पड़ा है । लेकिन वाह रे संस्कार । बेचारे पहले तो शीशा खटखटाये । जब कोई जवाब न मिला तो बैंक और पुलिस वालों को फोन घुमाए दिए । बैंक वाले सिर पर पैर रखकर भन्न से पहुंच गए । पहुँचते ही सीसीटीवी निचोड़े । सब ठोंक बजा के देखे । जब कुछ भी गड़बड़ न मिला तब बैंक वालों की साँस लौटी ।

हालाँकि इस पूरे मामले में उन सज्जन से ज्यादा रोल उनकी जरूरत का है । जरूरत न पड़ती तो सज्जन एटीएम तक आते ही नहीं । और फिर ये बैंक चौबीसों घण्टे खुली रहने वाली देश औ दुनिया की पहली बैंक बन जाती ।

तो भैया अब मान गए न कानपुर औ कनपुरियों को । अरे कायदे से तो ऐसी घटनाएं तत्काल प्रभाव से गिनीज बुक में दर्ज होनी चाहिए ।

आप मजे ले रहे थे चिकोटी के । मजा वाकई आया हो तो जल्दी से शेयर कर दीजिए । चलते हैं । जय राम जी की...

Shivani

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