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यूपी की कानून व्यवस्था को लेकर अखिलेश ने राज्यपाल से पूछा ये सवाल?

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में अपराधों की बाढ़ आई हुई है। मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठकें निष्प्रभावी साबित हो चुकी हैं।

Aditya Mishra

Aditya MishraBy Aditya Mishra

Published on 7 July 2019 3:14 PM GMT

यूपी की कानून व्यवस्था को लेकर अखिलेश ने राज्यपाल से पूछा ये सवाल?
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फ़ाइल फोटो
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लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में अपराधों की बाढ़ आई हुई है। मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठकें निष्प्रभावी साबित हो चुकी हैं।

जमीनी हकीकत में अपराधी पूरी दबंगई से अपना राज चला रहे हैं। जेल में उनकी तूती बोलती है। में पूर्ण अराजकता की स्थिति है। कानून-व्यवस्था पटरी से उतर चुकी है।

अखिलेश ने उठाये ये सवाल

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अखिलेश ने सवाल किया कि राज्यपाल को कानून व्यवस्था के बिगड़ते हालात का संज्ञान लेकर कड़ी कार्यवाही करने के संवैधानिक दायित्व निभाने से अब कौन रोक रहा है?

सपा मुखिया ने उदाहरण देते हुये कहा कि मैनपुरी में बदमाशें ने जीटी रोड पर दम्पत्ति से लूट की। महिला को अगवा करके गैंगरेप किया। उसे अचेतावस्था में एटा क्षेत्र में फेंक गए। पीड़ित पति जब थाने पहुंचा तो पुलिस वालों ने उसे ही बेरहमी से पीटा और हवालात में डाल दिया।

पीड़ित महिला ने जब थाने पहुंचकर घटना बताई तो पति की जान बची। पुलिस इतनी ‘कर्तव्यनिष्ठ‘ निकली कि बदमाशों की तलाश के बजाय पति पर ही पत्नी की लाश गायब करने का आरोप लगाकर थर्ड डिग्री यातना दे दी। ऊपर अफसरों तक मामला पहुंचने पर भी मामला दबाने की कोशिश होती रही।

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महोबा और बागपत की घटना की दिलाई याद

उन्होंने अन्य कई घटनाओं का ब्यौरा पेश करते हुये कहा कि इसी तरह महोबा में अजनर थाना क्षेत्र में दो किसानों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बागपत में भाई-बहिन पर तेजाब से हमला किया गया। लखनऊ में मडियांव थाना क्षेत्र में मिठौली में कार सर्विस कराने आए दबंग ने गैराज मालिक पर ही फायर झोंक दिया।

कौशाम्बी में दवा व्यापारी की बेटी 27 जून को अगवा की गई। अभी तक आरोपी पकड़े नहीं गए। इटावा जेल से दो हत्यारोपित कैदी दीवार फांदकर जेल से भाग गए। उन्नाव में पूर्व प्रधान के हत्यारे पुलिस की पकड़ में नहीं आए।

राजधानी लखनऊ में टीबी अस्पताल में किशोरी के साथ दुष्कर्म की कोशिश हुई। लखनऊ जिला जेल से बांग्लादेशी विचाराधीन कैदी पुलिस हिरासत से गायब हो गया। मडियांव में कार सवारों ने युवती का अपहरण किया।

अखिलेश ने कहा कि ये कुछ घटनाएं है। पूरे प्रदेश में अगर हत्या, लूट, अपहरण और बलात्कार की घटनाओं का संकलन किया जाए तो रोंगटे खड़े हो जाएंगे। ज्यादातर मामलों में या तो एफआईआर लिखी नहीं जाती और लिख ली गई तो कई मामलों में पुलिस लीपापोती करने का काम करती है।

अपराधियों का मन इतना बढ़ा हुआ है कि उन्हें खाकी का जरा भी भय नहीं है। वे दबंगई से अपराध करके पुलिस के सामने से ही फरार हो जाते है।

भाजपा राज में पुलिस प्रशासन का पार्टी के सत्तास्वार्थ में प्रयोग के चलते ही ऐसी अव्यवस्था की स्थिति पैदा हुई है। खुद भाजपा के एक वरिष्ठ मंत्री का ही कहना है कि अब अपराधियों को पुलिस का खौफ नहीं रह गया है।

यह खौफ रहे भी क्यों जब भाजपा नेता ही अपराधियों को संरक्षण दे रहे हैं। भाजपा सरकार नागरिकों के जानमाल की रक्षा में पूरी तरह विफल है।

Aditya Mishra

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