शाह की 7 रोचक बातें: 55 साल के गृह मंत्री आज मना रहे हैं अपना जन्मदिन

शाह के संगठनात्मक कौशल और नेतृत्व क्षमता का अंदाजा तब लगा जब 16 मई 2014 को सोलहवीं लोकसभा के चुनाव परिणाम आए। बीजेपी ने उत्तर प्रदेश में 71 सीटें हासिल की। बीजेपी में भाजपा की ये अब तक की सबसे बड़ी जीत ‌थी। इस करिश्माई जीत के‌ शिल्पकार रहे अमित शाह का कद पार्टी के भीतर इतना बढ़ा कि उन्हें भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष का पद प्रदान किया गया।

जन्मदिन विशेष: स्टॉक ब्रोकर थे अमित शाह, ऐसे ही नहीं कहा जाता चाणक्य

लखनऊ: केंद्रीय गृह मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वर्तमान अध्यक्ष अमित शाह का आज जन्मदिन है। 22 अक्टूबर 1964 को को महाराष्ट्र के मुंबई में एक व्यापारी के घर में जन्मे शाह आज अपना 55वां जन्मदिन मना रहे हैं। उन्हें दोबारा भारतीय जनता पार्टी का अध्यक्ष चुना गया है। शाह गुजरात के राज्य गृहमंत्री होने के साथ-साथ बीजेपी के महासचिव रह चुके हैं।

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भारतीय जनता पार्टी के चाणक्य के नाम से फेमस अमित शाह संसद के वरिष्ठ सभागृह राज्यसभा के सदस्य भी हैं। चूंकि आज शाह अपना 55वां जन्मदिन मना रहे हैं, इसलिए आज हम आपको बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के बारे में 7 रोचक बातें बताएंगे।

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यहां जानें अमित शाह के बारे में 7 रोचक बातें

  • अमित शाह को ऐसे ही बीजेपी का चाणक्य नहीं कहते हैं। इसके पीछे एक तर्क है। बीजेपी की वर्तमान समय में केंद्र के अलावा 21 राज्यों में बीजेपी सरकार है। इसके पीछे अमित शाह का दिमाग मना जाता है। कहा जाता है कि बीजेपी के स्वर्णिम दिन लाने में शाह का अहम योगदान है।
  • राजनीति से शाह का दूर-दूर तक कोई नाता नहीं था क्योंकि वो एक बड़े व्यापारी अनिलचंद्र शाह के घर में जन्मे थे। मगर उन्होंने बचपन में ही राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) ज्वाइन कर लिया था। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के नेता के तौर पर भी शाह ने अपने स्कूल के दिनों में काम किया है।

  • संघ के आधिकारिक कार्यकर्ता तो शाह अपने ग्रेजुएशन के दिनों में ही बन गए थे। राजनीति में आने से पहले या यूं कहे कि बीजेपी का दामन थामने से पहले शाह बतौर स्टॉकब्रोकर काम करते थे।
  • शाह पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से साल 1982 में अहमदाबाद में मिले थे। जब मोदी और शाह की पहली दफा मुलाकात हुई थी तब मोदी महज आरएसएस के प्रचारक थे। साल 1995 में शाह को गुजरात में मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल की सरकार के दौरान गुजरात राज्य वित्त निगम का चेयरपर्सन भी चुना गया था।

  • 1991 में लाल कृष्ण अडवाणी और 1996 में अटल बिहारी वाजपेयी के चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी संभालने वाले और कोई नहीं बल्कि खुद अमित शाह थे।
  • पेशे से स्टॉक ब्रोकर अमित शाह ने साल 1997 में गुजरात की सरखेज विधानसभा सीट से उप चुनाव जीतकर अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की। साल 1999 में वे अहमदाबाद डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव बैंक (एडीसीबी) के प्रेसिडेंट चुने गए। यही नहीं, साल 2009 में वे गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष बने।

  • शाह के संगठनात्मक कौशल और नेतृत्व क्षमता का अंदाजा तब लगा जब 16 मई 2014 को सोलहवीं लोकसभा के चुनाव परिणाम आए। बीजेपी ने उत्तर प्रदेश में 71 सीटें हासिल की। बीजेपी में भाजपा की ये अब तक की सबसे बड़ी जीत ‌थी। इस करिश्माई जीत के‌ शिल्पकार रहे अमित शाह का कद पार्टी के भीतर इतना बढ़ा कि उन्हें भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष का पद प्रदान किया गया।