बिहार में 50-50 वाला फार्मूला, बीजेपी-जदयू में सीटों का बंटवारा

बीजेपी और जेडीयू के बीच सीट बंटवारे को लेकर 50:50 के फॉर्मूले पर सहमति लगभग बन चुकी है। 2019 लोकसभा चुनाव के फॉर्मूले को अपनाते हुए 2020 विधानसभा चुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड के बीच सीटों का बंटवारा बराबरी का हो सकता है।

Published by Monika Published: September 27, 2020 | 2:21 pm
Modified: September 27, 2020 | 2:26 pm
Nitish kumar

Nitish kumar (file pic )

बिहार में जोरों शोरो से चुनाव की तैयारियां शुरू हो गयी हैं। वही दूसरी तरफ सीट बंटवारे को लेकर मुद्दा और उलझता जा रहा हैं। चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद भी एनडीए में सीटों को लेआर बंटवारे का मुद्दा वही हैं।

पिछले चुनाव का सफल महागठबंधन

सूत्रों की माने तो बीजेपी और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) में इस बात को लेकर तनातनी चल रही हैं कि कौन सी पार्टी ज्यादा से ज्यादा सीटें अपनी तरफ कर सकें। लोक जनशक्ति पार्टी नेता चिराग पासवान की 143 सीट पर अकेले चुनाव लड़ने की राजनीति ने भी एनडीए के लिए मुश्किल बढ़ा कर रखी हुई है। पिछले विधानसभा चुनाव में जेडीयू – राजद-कांग्रेस के महागठबंधन ने भारी मतों से जीत दर्ज की थी तो वहीं राजग की हार हुई थी।

50:50 के फॉर्मूले पर सबकी सहमति

सूत्रों की माने तो बीजेपी और जनता दल यूनाइटेड के बीच सीट बंटवारे को लेकर 50:50 के फॉर्मूले पर सहमति लगभग बन चुकी है। 2019 लोकसभा चुनाव के फॉर्मूले को अपनाते हुए 2020 विधानसभा चुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड के बीच सीटों का बंटवारा बराबरी का हो सकता है।

पिछले वर्ष मिली इतनी सीटें

आपको बता दें, 2019 लोकसभा चुनाव में बीजेपी और जनता दल यूनाइटेड 17-17 सीटों पर चुनाव लड़े थे। इसी फॉर्मूले को दोहराते हुए अब की चुनाव में भी दोनों दलों में सीट का बटवारा ऐसे ही हो सकता हैं।जिसके तहत जनता दल यूनाइटेड 122 सीट , भारतीय जनता पार्टी 121 सीट पर चुनाव लड़ सकती है।  इस सीट बंटवारे पर जनता दल यूनाइटेड के प्रवक्ता राजीव रंजन ने का कहना हैं कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए 2010 विधानसभा चुनाव और 2019 लोकसभा चुनाव से भी बेहतर प्रदर्शन किया। सीट बंटवारे को लेकर एनडीए में कोई परेशानी नहीं है। समय आने पर आधिकारिक घोषणा हो जाएगी कि किस दल को कितनी सीटें मिली हैं। महागठबंधन में जिस तरीके का कोहराम मचा हुआ है, उसके बाद उससे एनडीए के सीट बंटवारे पर सवाल उठाने का कोई हक नहीं है।”

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5 सांसदों का कटा था टिकट

बता दें, 2019 में जैसे भारतीय जनता पार्टी लोकसभा चुनाव में जिस तरीके से अपने 5 सांसदों का टिकट काटकर नीतीश कुमार के साथ 17-17 पर बराबरी का सीटों का बंटवारा किया ठीक उसी फार्मूले को अपनाते हुए सीटों का बंटवारा होना चाहिए। 2014 में जनता दल यूनाइटेड के केवल 2 सांसद होने के बावजूद भी 2019 लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने नीतीश कुमार की पार्टी के साथ बराबरी के सीटों का तालमेल करके उसे 17 सीटें दी।

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