कोरोना काल में जमकर सियासत, कांग्रेस ने BJP के गढ़ में चला ये बड़ा सियासी दांव

कांग्रेस ने बुधवार को 11 जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के साथ कर दी है। कांग्रेस की प्लानिंग टीम-11 के माध्यम से चंबल-ग्वालियर संभाग की विधानसभा सीटों के उपचुनाव में जीत हासिल करना है।

Published by Aditya Mishra Published: May 21, 2020 | 12:46 pm
Modified: May 21, 2020 | 12:48 pm

भोपाल: कोरोना काल में भी मध्य प्रदेश की सियासत गरमाई हुई है। यहां सियासतदानों का सारा ध्यान कोरोना से हटकर उपचुनाव की तरफ शिफ्ट हो गया है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां अभी से ही अपनी तैयारियों में जुट गई हैं। कांग्रेस ने उपचुनाव वाले इलाकों में अपने संगठन को मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी है।

इसकी शुरुआत कांग्रेस ने बुधवार को 11 जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के साथ कर दी है। कांग्रेस की प्लानिंग टीम-11 के माध्यम से चंबल-ग्वालियर संभाग की विधानसभा सीटों के उपचुनाव में जीत हासिल करना है।

इसलिए जिन 11 चहेरों को पार्टी में जिला अध्यक्ष का पद सौंपा गया है, उसमें इस बात का भी विशेष ख्याल रखा गया है। ज्यादातर जिला अध्यक्ष कांग्रेस से बागी होकर कर बीजेपी का दामन थामने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया के सियासी असर वाले हैं।

कमलनाथ

 

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इन जिलों में 11 जिलाध्यक्षों की नियुक्ति

जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी की सिफारिश पर बुधवार को जिन 11 जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है। इसमें सबसे अहम ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रभाव वाले ग्वालियर, श्योपुर और गुना जिले भी सम्मलित हैं। यहां कांग्रेस ने नए जिला अध्यक्षों को अपोइन्ट कर उपचुनाव से पहले उनके उपर एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।

कांग्रेस ने नए 11 जिला अध्यक्षों के तौर गुना शहर में मानसिंह पसरोदा, गुना ग्रामीण में हरि विजयवर्गीय, होशंगाबाद में सत्येंद्र फौजदार, सिंगरौली शहर में अरविंद सिंह चंदेल और देवास ग्रामीण में अशोक पटेल, श्योपुर में अतुल चौहान, ग्वालियर ग्रामीण में अशोक सिंह, विदिशा में कमल सिलकारी, सीहोर में बलबीर तोमर, रतलाम शहर में महेंद्र कटारिया, शिवपुरी में श्रीप्रकाश शर्मा, को नियुक्त किया है।
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में 24 सीटों पर उपचुनाव होने हैं जो दो विधायकों के निधन और 22 विधायकों की कांग्रेस से बगावत करने के बाद से रिक्त पड़े हुए हैं।

इन 24 में से 16 सीटें ग्वालियर-चंबल संभाग से आती हैं, जो ज्योतिरादित्य सिंधिया के दबदबे वाला इलाका माना जाता है। यह उपचुनाव तय करेगा कि मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार और कांग्रेस का सियासी भविष्य क्या होगा?

सबसे मजेदार बात यह है कि शिवराज सिंह चौहान इन इलाकों से अधिकांश मंत्रियों को अपनी कैबिनेट में शामिल कर पार्टी के अंदर बैलेंस बनाये रखना चाहते हैं, जबकि कांग्रेस ने 11 जिलाध्यक्ष बदल कर कसावट तेज कर दी है।

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24 विधानसभा सीटों पर होना है उपचुनाव

मध्य प्रदेश में 24 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है वो 15 जिलों में आती हैं। कांग्रेस ये चाह रही है इन जिलों में पार्टी को अभी से मजबूत किया जाए। सिंधिया के सबसे ज्यादा प्रभाव वाले गुना जिले की शहर और ग्रामीण इकाई में भी पार्टी ने नए जिलाध्यक्ष नियुक्त किए हैं।

ग्वालियर ग्रामीण में अशोक सिंह को जिला अध्यक्ष बनाकर कांग्रेस ने बड़ा सियासी दांव खेला है संगठन में प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक सिंह को जिला ग्रामीण की कमान सौंपकर ग्वालियर में पार्टी को मजबूत बनाने की जिम्मेदारी दी गयी है।

क्या प्रधानमंत्री मध्य प्रदेश की तरफ़ भी देख रहे हैं ?