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खूंखार डाकू की बेटी बीजेपी में ! खबरें आते ही राजनीति में मची उथल-पुथल

कुख्यात अपराधी चंदन तस्कर वीरप्पन की बेटी विद्या रानी ने एक कार्यक्रम में आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी जॉइन कर ली है।

Aradhya Tripathi

Aradhya TripathiBy Aradhya Tripathi

Published on 23 Feb 2020 11:10 AM GMT

खूंखार डाकू की बेटी बीजेपी में ! खबरें आते ही राजनीति में मची उथल-पुथल
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कुख्यात अपराधी चंदन तस्कर वीरप्पन की बेटी विद्या रानी ने एक कार्यक्रम में आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी जॉइन कर ली। विद्या रानी ने पार्टी के जनरल सिक्रेटरी मुरलीधर राव और पूर्व केंद्रीय मंत्री राधाकृष्णन की मौजूदगी में सदस्यता ग्रहण की। सदस्यता ग्रहण करते हुए विद्या रानी ने कहा, 'मैं अपनी जाति और धर्म के बावजूद गरीबों और वंचितों के लिए काम करना चाहती हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाएं लोगों के लिए हैं और मैं उन्हें लोगों तक ले जाना चाहती हूं.' विद्या रानी के अलावा इस आयोजन में अन्य राजनीतिक दलों के 1,000 से अधिक सदस्य भी भाजपा में शामिल हुए।

वीरप्पन के बारे में हैं कई किंवदंतियां

चंदन तस्कर वीरप्पन एक प्रसिद्ध व्यक्ति था। वीरप्पन के बारे में कई कहानियां प्रचलित हैं। ऐसा माना जाता है कि उसने कुल दो हजार हाथी मारे, ताकि उनके दांतों की तस्करी की जा सके। वीरप्पन चंदन का एक बहुत बड़ा तस्करी था। कहा जाता है कि उसने हजारों चंदन के पेड़ काट डाले थे। जिस वजह से उसे चंदन तस्कर वीरप्पन कहा जाता था। विरप्पन ने ना जाने कितने लोगों की हत्या की। वीरप्पन के बारे में ऐसा कहा जाता है कि वो रबड़ के जूते में पैसे भर के जमीन में गाड़कर रखता था।

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10 साल की उम्र में किया कत्ल

वीरप्पन के अपराध की शुरुआत उसकी 10 साल की उम्र में ही हो गई थी। साल 1962 में वीरप्पन ने 10 साल की उम्र में ही एक तस्कर का कत्ल कर दिया था। ये उसका पहला अपराध था। उसके बाद उसी वक्त उसने फॉरेस्ट विभाग के भी तीन अफसरों को मारा। तब वो वीरैय्या हुआ करता था। वीरप्पन एक बहुत ही गरीब परिवार का था। उसके गांव वाले बताते हैं कि फॉरेस्ट विभाग के लोगों ने ही उसे स्मगलिंग के लिए उकसाया था।

कहते हैं कि विरप्पन ने शादि के लिए अपने ससुर से अपनी पत्नी का हांथ बिल्कुल फिल्मी अंदाज में मांगा था। पर जंगल में भागने के बाद उसने पत्नी को एक शहरी इलाके में रहने भेज दिया।

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अभिनेता राजकुमार का किया था अपहरण

ऐसा कहा जाता है कि वीरप्पन राजनीति और भ्रष्टाचार के मकड़जाल में फंसकर तस्कर बना था। 1987 में वीरप्पन ने देश को तब हिलाकर रख दिया जब उसने चिदंबरम नाम के एक फॉरेस्ट अफसर को किडनैप किया। उसके बाद उसने एक बड़ा कांड करते हुए पुलिस की एक टीम को उड़ा दिया। जिसमें 22 लोग मारे गए। उसके बादल वीरप्पन ने सन 2000 में कन्नड़ फिल्मों के हीरो राजकुमार को किडनैप कर लिया और उनकी रिहाई के लिए 50 करोड़ की फिरौती रखी थी।

वीरप्पन पर बनी है फिल्म

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वीरप्पन की प्रसिद्धि का अंदाजा इसीसे लगाया जा सकता है कि उस पर एक फिल्म भी बनी है। चंदन तस्कर वीरप्पन के जीवन पर साल 2016 में एक फिल्म भी बनी है। प्रसिद्ध फिल्म निर्माता रामगोपाल वर्मा ने वीरप्पनपर 2016 में एक फिल्म का निर्माण किया था। जिसमें अभिनेता संदीप भारद्वाज, सचिन जोशी, ऊषा जाधव और लीज़ा रे ने मुख्य भूमिकाएँ निभाईं थीं।

Aradhya Tripathi

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