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गुरदासपुर: पर्दे के नायक और राजनीति के पुराने खिलाड़ी के बीच होगा दिलचस्प मुकाबला

अभिनेता कभी ‘गदर’ के एक प्रसिद्ध दृश्य की तरह नलका पकड़कर अपनी लोकप्रियता को भुनाने की कोशिश कर रहे हैं , तो कभी फिल्मों में अपने प्रसिद्ध संवादों ‘‘ढाई किलो का हाथ’’ (दामिनी) और ‘‘हिंदुस्तान जिंदाबाद है, जिंदाबाद रहेगा’’ (गदर) के जरिए मतदाताओं को लुभाने का प्रयत्न कर रहे हैं।

Roshni Khan

Roshni KhanBy Roshni Khan

Published on 16 May 2019 11:08 AM GMT

गुरदासपुर: पर्दे के नायक और राजनीति के पुराने खिलाड़ी के बीच होगा दिलचस्प मुकाबला
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गुरदासपुर (पंजाब): राजनीति के पुराने खिलाड़ी एवं कांग्रेस के मौजूदा सांसद सुनील जाखड़ के सामने भाजपा उम्मीदवार एवं फिल्मों में शानदार अभिनय से सिनेप्रेमियों के दिलों में जगह बनाने वाले सनी देओल की चुनौती ने गुरदासपुर लोकसभा सीट पर मुकाबला दिलचस्प बना दिया है।

भाजपा इस बार लोकसभा चुनाव में देश की सुरक्षा को अहम चुनावी मुद्दा बनाकर मैदान मे उतरी है। ऐसे में ‘बॉर्डर’ एवं ‘गदर-एक प्रेम कथा’ जैसी देशभक्ति पर आधारित फिल्मों में अभिनय के लिए लोकप्रिय देओल को उम्मीदवार बनाना पार्टी की रणनीति में फिट बैठता है।

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अभिनेता कभी ‘गदर’ के एक प्रसिद्ध दृश्य की तरह नलका पकड़कर अपनी लोकप्रियता को भुनाने की कोशिश कर रहे हैं , तो कभी फिल्मों में अपने प्रसिद्ध संवादों ‘‘ढाई किलो का हाथ’’ (दामिनी) और ‘‘हिंदुस्तान जिंदाबाद है, जिंदाबाद रहेगा’’ (गदर) के जरिए मतदाताओं को लुभाने का प्रयत्न कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देओल के साथ एक तस्वीर ट्वीट करके ‘‘हिंदुस्तान जिंदाबाद...’’संवाद का प्रयोग किया गया था।

देओल के पिता एवं जाने माने अभिनेता धर्मेंद्र भी अपने बेटे के लिए प्रचार कर रहे हैं।

विपक्ष यह कह कर देओल पर निशाना साध रहा है कि उन्हें पंजाब की समस्याओं की कोई जानकारी नहीं है और वह बाहरी व्यक्ति हैं।

ऐसे में देओल ने अपने आलोचकों को चुप कराने की कोशिश करते हुए कहा, ‘‘मेरे बारे में जो कहा जा रहा है, मैं उसका जवाब देने के लिए यहां नहीं हूं। मैं यहां काम करने और लोगों की सेवा करने आया हूं।’’

इससे पहले भी भाजपा ने गुरदासपुर में ‘सेलेब्रिटी कार्ड’ खेला था और वह 1998 में इस सीट से विनोद खन्ना को उतारकर कांग्रेस की नेता एवं पांच बार की सांसद सुखबंस कौर भिंडर को हराने में सफल रही थी।

खन्ना के निधन के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जाखड़ (64) ने यह सीट जीती थी।

देओल एक जाट सिख हैं और उनका वास्तविक नाम अजय सिंह देओल है। उनके पहले रोड शो में भारी संख्या में लोग शामिल हुए थे, लेकिन जाखड़ उनसे खास प्रभावित नहीं हैं।

जाखड़ ने ‘पीटीआई भाषा’ से कहा, ‘‘देओल ने अभी तक डायलॉग (संवाद) बोलने के अलावा कुछ नहीं किया और यहां मतदाता इसी बात को लेकर चिंतित है।’’

उन्होंने भरोसा जताया कि वह अपनी विकास परियोजनाओं के बल पर जीतेंगे। उन्होंने करतारपुर साहिब गलियारे में कांग्रेस का योगदान लोगों को याद दिलाया।

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राजनीतिक विश्लेषकों का भी मानना है कि भाजपा देओल की लोकप्रियता के बल पर भले ही जीत के लिए आश्वस्त हो लेकिन यह इतना आसान नहीं है।

गुरदासपुर सीट पर जाखड़ और देओल के अलावा आम आदमी पार्टी के पीटर मसीह और पंजाब डेमोक्रेटिक अलायंस के लाल चंद भी मैदान में हैं।

गुरदासपुर सीट में कुल 15.95 लाख मतदाता 19 मई को लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण में मतदान करेंगे। मतगणना 23 मई को होगी।

(भाषा)

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