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हमीरपुर उपचुनाव: सामने आया गठबंधन टूटने का नतीजा, भाजपा जीती

उत्तर प्रदेश की हमीरपुर विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी के युवराज सिंह ने उपचुनावों में भाजपा को मिल रही हार के सिलसिले को तोड़ते हुए लोकसभा चुनाव के बाद विधानसभा उपचुनाव में भी जीत का क्रम बरकरार रखा है।

Aditya Mishra

Aditya MishraBy Aditya Mishra

Published on 27 Sep 2019 2:00 PM GMT

हमीरपुर उपचुनाव: सामने आया गठबंधन टूटने का नतीजा, भाजपा जीती
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश की हमीरपुर विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी के युवराज सिंह ने उपचुनावों में भाजपा को मिल रही हार के सिलसिले को तोड़ते हुए लोकसभा चुनाव के बाद विधानसभा उपचुनाव में भी जीत का क्रम बरकरार रखा है।

लेकिन इसके साथ ही इस उपचुनाव के नतीजे यह भी बता रहे है कि लोकसभा चुनाव में हुआ सपा-बसपा गठबंधन अगर कायम रहता तो इस उपचुनाव में भाजपा की जीत की राह मुश्किल हो जाती।

हमीरपुर सीट पर विजयी हुए भाजपा के युवराज सिंह को 74 हजार 409 वोट मिले। जबकि दूसरे स्थान पर रहे सपा के मनोज प्रजापति को 56 हजार 542 वोट तथा तीसरे स्थान पर रहे बसपा के नौशाद अली को 28 हजार 798वोट मिले है।

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सपा और बसपा का गठबंधन जारी होता तो मिलते इतने वोट

अगर सपा और बसपा का गठबंधन इस विधानसभा उपचुनाव में भी जारी रहता तो इस गठबंधन को 85 हजार 340 वोट मिलते, जो भाजपा प्रत्याशी को मिले वोटों से 10 हजार 931 वोट ज्यादा होते और सीट गठबंधन के खाते में होती ।

लोकसभा चुनाव से पहले वर्ष 2018 में गोरखपुर, फूलपुर और कैराना लोकसभा सीटों तथा नूरपुर विधानसभा उपचुनाव में राज्य में सत्ता में होेने के बावजूद भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था।

2018 के उपचुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ सपा, बसपा, रालोद, एनसीपी, पीस पार्टी और वामदल एक साथ हो गये थे, इसीका नतीजा था कि भाजपा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य की लोकसभा में भी उपचुनाव हार गयी थी।

विधानसभा उपचुनाव के गठबंधन के नतीजों से उत्साहित होकर लोकसभा चुनाव में भी भाजपा के खिलाफ सपा-बसपा और रालोद महागठबंधन बना कर चुनाव मैदान में उतरे लेकिन चुनाव के ठीक पहले हुए पुलवामा आतंकी हमले के बाद उभरे राष्ट्रवाद की आंधी ने भाजपा के सांसदों की संख्या में ज्यादा कमी नहीं होने दी।

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2019 में यूपी महागंठबंधन को केवल 15 सीटे

लोकसभा चुनाव - 2019 में यूपी की 80 सीटों में से इस महागंठबंधन को केवल 15 सीटे ही मिली, जिसमे सपा को पांच और बसपा को 10 सीटे मिली थी और रालोद की झोली खाली ही रह गयी थी। जबकि भाजपा को 64 और उसकी सहयोगी अपना दल को एक लोकसभा सीट पर सफलता मिली थी।

लोकसभा चुनाव-2019 के नतीजों का कसैला स्वाद चखने के बाद बसपा सुप्रीमों मायावती ने सपा को झटका देते हुए महागंठबंधन से किनारा कर लिया। इसके बाद मायावती ने सपा को एक और झटका देते हुए पहली बार विधानसभा उपचुनाव में बसपा के उतरने का ऐलान कर दिया था।

युवराज सिंह (भारतीय जनता पार्टी)-74409

डॉ मनोज प्रजापति (समाजवादी पार्टी)- 56542

नौशाद अली (बसपा)- 28798

हरदीपक निषाद (कांग्रेस) 16097

कुल मत- 193037

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