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40 मिनट में गिरेगी गहलोत सरकार! पायलट-सिंधिया की मुलाकात से बढ़ी हलचल

राजस्थान में गहलोत सरकार पर सियासी संकट के बीच आज दिल्ली में उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाक़ात की।

Shivani

ShivaniBy Shivani

Published on 12 July 2020 4:45 PM GMT

40 मिनट में गिरेगी गहलोत सरकार! पायलट-सिंधिया की मुलाकात से बढ़ी हलचल
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नई दिल्ली: राजस्थान में गहलोत सरकार पर सियासी संकट के बीच आज दिल्ली में उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाक़ात की। सीएम गहलोत से नाराज सचिन पायलट दिल्ली में 12 विधायकों के साथ पहुंचे। कहा जा रहा है कि वह सोनिया गांधी से मुलाक़ात करने के लिए पहुंचे थे हालाँकि उनकी सोनिया से बातचीत नहीं हो सकी। वहीं आज देर शाम उन्होंने कांग्रेस से बागी हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया के आवास पर पहुँच कर उनसे मुलाक़ात की। ऐसे माहौल में दोनों के बीच मुलाक़ात काफी अहम मानी जा रहे है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया से सचिन पायलट ने की मुलाक़ात

राजस्थान सरकार के हालात इन दिनों वैसे हो गए हैं, जैसे कुछ महीनों पहले मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार के दौरान थे। सिंधिया की जगह सचिन पायलट ने ले ली है और कमलनाथ की जगह अशोक गहलोत हैं। अपनी ही सरकार और सीएम के खिलाफ बगावती तेवर दिखा रहे सूबे के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने बीजेपी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया से उनके आवास पर मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच 40 मिनट तक चली ये मुलाकात कई अटकलों को जन्म दे रही हैं।

सिंधिया और सचिन पायलट की यारी

दरअसल, ज्योतिरादित्य सिंधिया और सचिन पायलट की अच्छी खासी दोस्ती है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस आलाकमान को ये यारी परेशानी में डाल सकती है। राजस्थान में पहले ही गहलोत सरकार को गिराने की साजिशों का आरोप भाजपा पर आरोप लग रहा है। ऐसे में सचिन पायलट की नाराजगी को सिंधिया से जोड़ कर देखा जा सकता है।

ये भी पढ़ेंः सचिन के रुख से राजस्थान में संकट, विधायक दल की बैठक में नहीं होंगे शामिल

सिंधिया की बगावत से गिर गयी थी कमलनाथ सरकार

गौरतलब है कि बीते साल जब मध्य प्रदेश और राजस्थान में विधानसभा चुनाव हुए तो ज्योतिरादित्य सिंधिया और सचिन पायलट दोनों ही मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार थे। हालाँकि दोनों राज्यों में सीएम की कुर्सी मिली कमलनाथ और अशोक गहलोत को। सिंधिया और पायलट दोनों ही अच्छे दोस्त हैं। जब सिंधिया ने पार्टी छोड़ी तो एमपी की कमलनाथ सरकार गिर गयी और कांग्रेस को बड़ा झटका लगा, वहीं अब पायलट की सरकार के प्रति नाराजगी से राजस्थान सरकार भी खतरे में हैं।

सिंधिया ने पायलट के समर्थन में किया ट्वीट

वहीं इस मुलाक़ात से पहले सिंधिया ने पायलट के समर्थन में ट्वीट भी किया था, जिसमें उन्होंने कहा, 'सचिन पायलट को दरकिनार किए जाने से मैं दुखी हूं।ये दिखाता है कि कांग्रेस में काबिलियत और क्षमता की कोई अहमियत नहीं है।'



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