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MP के चौथी बार मुख्यमंत्री बनें शिवराज, ली CM पद की शपथ

मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) ने सरकार बना ली है। शिवराज सिंह चौहान ने चौथी बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। राजभवन ने मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण के लिए रात 9 बजे का वक्त दिया था

Dharmendra kumar

Dharmendra kumarBy Dharmendra kumar

Published on 23 March 2020 9:32 AM GMT

MP के चौथी बार मुख्यमंत्री बनें शिवराज, ली CM पद की शपथ
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भोपाल: मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) ने सरकार बना ली है। शिवराज सिंह चौहान ने चौथी बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। राजभवन ने मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण के लिए रात 9 बजे का वक्त दिया था। शिवराज सिंह चौहान ने रात 9 बजे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसके साथ ही शिवराज मध्य प्रदेश के चौथी बार मुख्यमंत्री बन गए।

शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद चौथी बार मध्य प्रदेश की कमान संभाल ली है। पहली बार वह 29 नवंबर 2005 में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे। इसके बाद शिवराज सिंह चौहान 12 दिसंबर 2008 में दूसरी बार सीएम बने। 8 दिसंबर 2013 को शिवराज ने तीसरी बार सीएम पद की शपथ ली थी।

आपका बता दें कि न्यूजट्रैक वेबसाइट और अपना भारत अखबार ने पहले बता दिया था कि मध्य प्रदेश में कमलनाथ की सरकार गिर जाएगी और शिवराज मुख्यमंत्री बनेंगे।

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कमलनाथ सरकार की विदाई

मध्य प्रदेश से कमलनाथ सरकार की विदाई हो गई है। दरअसल कांग्रेस के 22 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था। इसमें 6 मंत्री शामिल हैं। स्पीकर ने मंत्रियों का इस्तीफा कबूल कर लिया था, लेकिन 16 विधायकों का इस्तीफा कबूल नहीं कर रहे थे। विधायकों के इस्तीफे के कारण कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गई थी, लेकिन फ्लोर टेस्ट कराने की बजाए सदन को स्थगित कर दिया गया था।

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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कमलनाथ का इस्तीफा

इसके बाद बीजेपी इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई। सुप्रीम कोर्ट ने कमलनाथ सरकार को तुरंत फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश दिया। आदेश के बाद स्पीकर ने सभी 16 विधायकों का इस्तीफा मंजूर किया और फ्लोर टेस्ट पहले ही कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।

कमलनाथ सरकार पर संकट के बाद उस दिन से मंडराने लगे थे, जब कांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया बीजेपी में शामिल हो गए। सिंधिया के करीबी विधायक बेंगलुरु चले गए और सिंधिया दिल्ली आए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इसके बाद सिंधिया ने बीजेपी का दामन थाम लिया।

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