जानिए कौन मारेगा दिल्ली का बाजी कांग्रेस, केजरीवाल या फिर भाजपा

दिल्ली चुनाव में त्रिकोणात्मक संघर्ष

दिल्ली विधानसभा चुनाव 8 फरवरी को हैं। सोमवार को तारीखों का एलान हो गया। हालांकि तीनों प्रमुख पार्टियां चुनाव की तारीखों के एलान के पहले ही रैली व डोर टु डोर कैंपेन में जुट चुकी है। कांग्रेस शीला दीक्षित के नेतृत्व में पंद्रह सालों तक किए कार्यों को लेकर जनता के बीच जा रही है। वहीं आम आदमी पार्टी पिछले चुनाव में किए वादों को पूरा करने का अपना रिपोर्ट कार्ड लेकर जनता के बीच जा रही है। जिसमें दो सौ यूनिट तक मुफ्त बिजली, स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर मुहल्ला अस्पताल का निर्माण, पानी का बिल माफ एवं महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बसों में मार्शल एवं मेट्रों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा जैसे कार्यों की लंबी लिस्ट शामिल है।

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मोदी के नाम पर दिल्ली फतह की तैयारी

वहीं भाजपा नागरिकता संशोधन बिल व पीएम मोदी के चेहरे को आगे कर चुनाव मैदान में है। भाजपा अपने नेता नरेंद्र मोदी के किए विकास कार्यों को लेकर जनता के बीच जा रही है। भाजपा नेता ने केंद्र सरकार के द्वारा अनाधिकृत कॅालोनी को उनके मालिकाना हक देने व आयुष्मान भारत योजना से गरीबों के स्वास्थ्य सेवा निशुल्क देने का अपना वादा पूरा करने को लेकर जनता के बीच जा रही है।

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चुनाव आयोग ने दिल्ली चुनाव की घोषणा की

 

आप को बता दें की निर्वाचन आयोग दिल्ली के चुनाव की घोषणा कर दी है, दिल्ली में एक चरण में चुनाव 8 फरवरी को होनी है वहीं मतगणना 11 फरवरी को होगी।

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जानिए पिछले चुनाव का लेखा-जोखा

हाल हीं में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा को 56.56 प्रतिशत वोट मिले थे कांग्रेस को 22.51 प्रतिशत  वोट मिले थे। वहीं राज्य में सत्तारूढ़ आप को 18.11 प्रतिशत वोट मिली थी और वह तीसरे पायदान पर रही। आप को बता दें की राज्य में पिछले बार हुए विधानसभा चुनाव में आप को 54.3 प्रतिशत मतों के साथ 67 सिटें मिली जबकी भाजपा को 32.3 प्रतिशत वोटों के साथ तीन सीट पर जीत दर्ज की थी वहीं कांग्रेस को 9.7 प्रतिशत वोट मिली थी और उसका खाता भी नही खुली पायी थी।