कोरोना से घर के बुजुर्गों का ऐसे करें बचाव, वहीं है आपके जीवन का आधार, TIPS

बुजुर्गों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है ऐसे में यह वायरस उनपर आसानी से हमला कर सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए कोरोना वायरस से बचाव के लिए बुजुर्गों का शारीरिक और मानसिक तौर पर कैसे ख्याल रखा जाए, इस बारे में जानतें हैं

Published by suman Published: April 10, 2020 | 10:42 pm

लखनऊ: अभी पूरी दुनिया को कोरोना वायरस ने लॉकडाउन कर रखा है। लोग मजबूर है घरों में कैद रहने के लिए। इस वक्त ज्यादातर घरों में परिवार के बच्चे व बड़े सभी मौजूद है। लेकिन घरों पर अगर बुजुर्गों और बच्चों को एक साथ चौबीस घंटे गुजारने पड़ें, तो उनके बीच तालमेल बैठाने में परेशानी होती है। कई बार घर की महिलाओं को इसके समाधान के लिए कोशिश करनी पड़ती है। दो पीढ़ियों को एक साथ संभालना आसान बात नहीं। कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा खतरा बुजुर्गों को है। ऐसे समय में इनका काफी ध्यान रखने की जरूरत है।

 

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बुजुर्गों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है ऐसे में यह वायरस उनपर आसानी से हमला कर सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए कोरोना वायरस से बचाव के लिए बुजुर्गों का शारीरिक और मानसिक तौर पर कैसे ख्याल रखा जाए, इस बारे में जानतें हैं..

 

योगा, उम्रदराज लोगों को संक्रमण से बचाव के लिए घर पर ही नियमित रूप से व्यायाम और प्रणायाम करना चाहिए। घर से बाहर नहीं निकलने के परामर्श का सख्ती से पालन करते हुए बुजुर्गों को बाहर घर में आने वाले किसी भी मेहमान से मिलने से बचाना चाहिए।

हाथ धोने की आदत, बच्चों और बुजुर्गों को बार-बार हाथ धोने की आदत लगाएं। वे हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। घर पर या कहीं बाहर सीढ़ी की रेलिंग, पार्क की बेंच आदि किसी भी तरह की सार्वजनिक सतह को छूने के बाद अच्छे से हाथ धोने को कहें।

 

तालमेल, बच्चों और बुजुर्गों के बीच आपस में अच्छा तालमेल बिठाने के लिए कुछ पहल करनी होंगी। किसी एक की तरफदारी ना करते हुए उन दोनों को एक मंच पर साथ लाने का काम करें। बच्चे दादा-दादी या नाना-नानी को टेक्नोलॉजी के बारे में समझा सकते हैं और बदले में उन्हें कहानियों का पिटारा तैयार मिलेगा। रोज एक नई कहानी का बच्चों को इंतजार रहने लगेगा।

 

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ये बरतें सावधानी, छींकते और खांसते समय रूमाल का इस्तेमाल करें। बुजुर्गों को घर में बना ताजा पोषण युक्त आहार लेना चाहिए। उन्हें गर्म खाना खाने, बार बार पानी पीने और नियमित तौर पर ताजे फलों का रस पीने की सलाह दी गई है।

डाईट का रखें ध्यान, सबसे जरूरी यह है कि बच्चों और बुजुर्गों का इम्यून सिस्टम दुरुस्त रहे। उनकी डाइट में पोषक तत्वों से भरा आहार शामिल करें। घर के बच्चे और बुजुर्ग फलों और जूस का भी सेवन करें। समय पर नाश्ता, लंच और डिनर दें। ध्यान रखें कि वे पूरी नींद लें।