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पैरेंटिंग टिप्स : चुलबुले बच्चों पर ऐसे लगाएं लगाम, तभी मिलेगा आपको विराम

हाइपर ऐक्टिव यानी अत्यधिक सक्रिय बच्चों का घर में होना किसी छोटे तूफ़ान से निपटने से कम नहीं होता, क्योंकि वे काफ़ी चुलबुले होते हैं। उनका दिमाग़ स्थिर नहीं होता और न ही वे एक जगह पर कुछ मिनट से ज़्यादा नहीं टिक पाते हैं। ऐसे में माँ बहुत परेशान हो जाती है

Suman  Mishra
Published on: 4 Aug 2020 6:40 PM IST
पैरेंटिंग टिप्स : चुलबुले बच्चों पर ऐसे लगाएं लगाम, तभी मिलेगा आपको विराम
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प्रतीकात्मक

जयपुर : अत्यधिक सक्रिय यानी हाइपर ऐक्टिव बच्चों का घर में होना किसी छोटे तूफ़ान से निपटने से कम नहीं होता, क्योंकि वे काफ़ी चुलबुले होते हैं। उनका दिमाग़ स्थिर नहीं होता और न ही वे एक जगह पर कुछ मिनट से ज़्यादा टिक पाते हैं। ऐसे में माँ बहुत परेशान हो जाती है और कुछ सोच नही पाती की कैसे बच्चे को हैंडल करे। तो परेशान मत हो।

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आप अपने बच्चे को शांत कर सकती हैं। चुलबुले बच्चों को ऐसी गतिविधियों में व्यस्त रखना चाहिए, जो उनकी शारीरिक ऊर्जा को सही दिशा में संचालित करे। ‘‘उन्हें डांस, खेल-कूद से संबंधित गतिविधियों जोड़ना काफ़ी अच्छा साबित हो सकता है। न्यूरोबिक्स या मेंटल ऐरोबिक्स दिमाग़ को प्रोत्साहित करने, ध्यान को केंद्रित करने और ज़्यादा सतर्क बनाने में उनकी मदद करते हैं।

शांतिदायक धुन बजाएं हम सभी जानते हैं कि संगीत कई समस्याओं का इलाज साबित हो सकता है। इस मामले में भी कुछ हल्के, मेडिटेटिव या क्लासिकल संगीत से मदद मिल सकती है। हार्ड रॉक म्यूज़िक नहीं बजाना चाहिए, क्योंकि कुछ बच्चों पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। यदि बच्चा म्यूज़िकल इंस्ट्रुमेन्ट्स बजाने की उम्र का हो चुका हो तो उसे इस दिशा में प्रोत्साहित करें। टीवी, प्ले-स्टेशन्स, विडियो गेम्स, मोबाइल फ़ोन्स और कम्प्यूटर्स का बहुत ज़्यादा प्रयोग अत्यधिक सक्रियता के लिए उत्प्रेरक की तरह काम कर सकते हैं। बजाय इसके उन्हें बाहर हरे-भरे वातावरण में गतिविधयों के लिए ले जाएं, जिससे उन्हें शांत होने में मदद मिलेगी।

शक्कर के सेवन पर रोक लगाएं बच्चों के खानपान पर नज़र रखना बेहद महत्वपूर्ण है, ख़ासतौर पर सुबह और रात को सोने से पहले, क्योंकि इसका सीधा संबंध दिमाग़ से होता है। अत्यधिक शक्कर के सेवन से गतिविधियां बढ़ जाती हैं। अतः एयरेटेड ड्रिंक्स, जंक फ़ूड्स, जैसे-पिज़्ज़ा, बर्गर और आइस क्रीम्स के अधिक सेवन पर रोक लगाएं।

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मालिश करें मुलायम शारीरिक स्पर्श और स्नेहपूर्ण आवाज़ ऐंडॉर्फ़िन्स को उत्तेजित करने का अच्छा तरीक़ा है, जो कि शांतिदायक और उपचारात्मक साबित हो सकता है। यदि अत्यधिक सक्रिय और अनियंत्रित बच्चे को शांत करना चाहती हैं तो उन्हें प्यार से पास बुलाएं और उनके माथे, आंखों, हाथ, पैर या पीठ को हल्के से मसाज करें। ये उन्हें आराम पहुंचाएगा और ख़ुश महसूस कराएगा

Suman  Mishra

Suman Mishra

एस्ट्रोलॉजी एडिटर

मैं वर्तमान में न्यूजट्रैक और अपना भारत के लिए कंटेट राइटिंग कर रही हूं। इससे पहले मैने रांची, झारखंड में प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया में रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग किया है और ईटीवी में 5 वर्षों का डेस्क पर काम करने का अनुभव है। मैं पत्रकारिता और ज्योतिष विज्ञान में खास रुचि रखती हूं। मेरे नाना जी पंडित ललन त्रिपाठी एक प्रकांड विद्वान थे उनके सानिध्य में मुझे कर्मकांड और ज्योतिष हस्त रेखा का ज्ञान मिला और मैने इस क्षेत्र में विशेषज्ञता के लिए पढाई कर डिग्री भी ली है Author Experience- 2007 से अब तक( 17 साल) Author Education – 1. बनस्थली विद्यापीठ और विद्यापीठ से संस्कृत ज्योतिष विज्ञान में डिग्री 2. रांची विश्वविद्यालय से पत्राकरिता में जर्नलिज्म एंड मास कक्मयूनिकेश 3. विनोबा भावे विश्व विदयालय से राजनीतिक विज्ञान में स्नातक की डिग्री

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