Top

आजाद की पुण्यतिथिः PM ने TWITTER पर कहा-भारत मां के वीर सपूत काे नमन

Admin

AdminBy Admin

Published on 27 Feb 2016 12:04 PM GMT

आजाद की पुण्यतिथिः PM ने TWITTER पर कहा-भारत मां के वीर सपूत काे नमन
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

लखनऊ: देश को आजाद कराने के लिए अनेकों वीरों ने अपनी कुर्बानी दी। भारत मां की खातिर वो इतिहास के पन्नों में अमर हो गए। इन्हीं शहीदों में एक थे आजाद। आजाद जीवन पर्यन्त अपनी सम्मूर्ण शक्ति के साथ ब्रिटिश हुकूमत से लड़ते रहे। बेखौफ अंदाज और देश के लिए मर मिटने का जज्बा रखनेवाले आजाद ने कहा था कि 'आजाद आजाद जिया है और आजाद ही मरेगा'। आज उनकी पुण्यतिथि है इस पर पूरा देश उन्‍हें नम आंखों से नमन कर रहा है।

कैसे बने चंद्रशेखर आजाद

-चंद्रशेखर 14 साल की उम्र में 1921 में गांधी जी के असहयोग आंदोलन से जुड़ गए थे।

-उसी दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया।

-जज ने चंद्रशेखर से उनके पिता नाम पूछा तो जवाब में उन्‍होंने अपना नाम आजाद और पिता का नाम स्वतंत्रता और पता जेल बताया।

-यहीं से चंद्रशेखर सीताराम तिवारी का नाम चंद्रशेखर आजाद पड़ा।

अंग्रेजों से घिरता देख खुद को मारी गोली

-चंद्रशेखर ने कसम खाई थी कि वह कभी अंग्रेजों के हांथ जिंदा नहीं आएंगे।

-27 फरवरी 1931 को इलाहाबाद में उन्हें अंग्रेजों ने चारों ओर से घेर लिया।

-दोनों ओर से गोलीबारी शुरू हुई। खुद को घिरते देख आजाद ने खुद को गोली मार ली।

-जिस पार्क में उनका निधन हुआ था,इलाहाबाद के उस पार्क का नाम बदलकर चंद्रशेखर आजाद पार्क रखा गया।

-मध्य प्रदेश के जिस गांव में वह रहे थे उसका धिमारपुरा नाम बदलकर आजादपुरा रखा गया।

आजाद आजीवन ब्रह्मचारी रहे

-चंद्रशेखर आजाद का जन्म 23 जुलाई, 1906 को मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले के भाबरा में हुआ।

-उनके पिता का नाम पंडित सीताराम तिवारी एवं माता का नाम जगदानी देवी था।

-आजाद का जन्म स्थान भाबरा अब 'आजादनगर' के रूप में जाना जाता है।

-आजाद आजीवन ब्रह्मचारी रहे, वे 14 वर्ष की आयु में बनारस गए।

-वहां एक संस्कृत पाठशाला में पढ़ाई की साथ ही कानून भंग आंदोलन में योगदान दिया था।

अाजाद की पुण्यतिथि पर कई नेताओं ने सोशल साइट्स के जरिए उन्‍हें श्रृद्धा सुमन अर्पित किए हैं। आप नेता कुमार विश्‍वास ने ट्वीट कर कहा कि 'भारत की फिजाओं को सदा याद रहूंगा, आजाद था आजाद हूं आजाद रहूंगा। आइए नीचे स्‍लाइड्स में देखते हैं किसने क्‍या कहा-

[su_slider source="media: 11647,11648,11649,11650" width="620" height="440" title="no" pages="no" mousewheel="no" autoplay="0" speed="0"] [/su_slider]

Admin

Admin

Next Story