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अंतरिक्ष में 2 सब्जियों की खेती, 64 दिनों में एस्ट्रोनॉट्स लेंगे चाइनीज पत्ते का मजा

अंतरिक्ष में मौजूद यात्री के लिए धरती से सब्जियां भेजी गई थीं। ऐसी योजना है कि अब वहां भी कुछ सब्जियां उगाई जाएगी।

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Newstrack Network Newstrack - NetworkPublished By Suman Mishra
Published on: 14 May 2021 3:49 PM IST (Updated on: 14 May 2021 3:57 PM IST)
अंतरिक्ष पर  सब्जियों की खेती शुरू
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 कांसेप्ट फोटो( सौजन्य से सोशल मीडिया)

नई दिल्ली: इंसान के ख्वाहिशों की कोई इंतहा नहीं होती, एक पूरी नहीं होती की दूसरी शुरू हो जाती है। पहले लोग अंतरिक्ष और चांद पर जाना चाहते थे। अब वहां खेती करना चाहते हैं। जी हां अब लोग अंतरिक्ष (Space) में केवल जाना और घूमना नहीं वहां सब्जियां भी उगाना चाहते हैं।

अंतर्राष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (International Space Station) पर गए अंतरिक्ष यात्रियों(Astronaut) के लिए सब्जियां भेजी गई है। इसमें ns (Chinese Leafy ) वाले साग पाक चोई (Pak Choi) भी है।

ये साग खाने में स्वादिष्ट होने के साथ हेल्थ के लिए भी फायदेमंद है। अतंरिक्ष में अंतरिक्षयात्री इस साग पाक चोई पर गार्लिक पेस्ट और सॉय सॉस लगाकर खा रहे हैं। अब इसे अंतरिक्ष में पर उगाने की तैयारी कर रहे हैं। इससे अब मंगल और चांद पर जाने वाले मिशन में मदद मिलेगी।

अंतरिक्ष में सब्जियों का आंनद लेते एस्ट्रोनॉट( सौजन्य-सोशल मीडिया)

अंतरिक्ष में सब्जियों की खेती

अंतरिक्ष में मौजूद यात्री के लिए धरती से सब्जियां भेजी गई थीं। ऐसी योजना है कि अब वहां भी कुछ सब्जियां उगाई जाएगी। वहां की उगने वाली सब्जियों का इस्तेमाल भी होंगे। इसके लिए उनके वेज ( Veg-03K )और ( Veg-03L) नाम हैं। मैट रोमीन और जियोया मासा जैसी सब्जियों को स्पेस स्टेशन पर उगाने की तैयारी चल रही है।

पहली बार 13 अप्रैल को अंतरिक्ष में इन दोनों सब्जियों को लगाया था। अब अतंरिक्ष में अमारा सरसों और पाक चोई के 64 दिनों में उगने की संभावना है।अमारा सरसों को इथियोपियन काले भी कहते हैं।

Suman  Mishra

Suman Mishra

एस्ट्रोलॉजी एडिटर

मैं वर्तमान में न्यूजट्रैक और अपना भारत के लिए कंटेट राइटिंग कर रही हूं। इससे पहले मैने रांची, झारखंड में प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया में रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग किया है और ईटीवी में 5 वर्षों का डेस्क पर काम करने का अनुभव है। मैं पत्रकारिता और ज्योतिष विज्ञान में खास रुचि रखती हूं। मेरे नाना जी पंडित ललन त्रिपाठी एक प्रकांड विद्वान थे उनके सानिध्य में मुझे कर्मकांड और ज्योतिष हस्त रेखा का ज्ञान मिला और मैने इस क्षेत्र में विशेषज्ञता के लिए पढाई कर डिग्री भी ली है Author Experience- 2007 से अब तक( 17 साल) Author Education – 1. बनस्थली विद्यापीठ और विद्यापीठ से संस्कृत ज्योतिष विज्ञान में डिग्री 2. रांची विश्वविद्यालय से पत्राकरिता में जर्नलिज्म एंड मास कक्मयूनिकेश 3. विनोबा भावे विश्व विदयालय से राजनीतिक विज्ञान में स्नातक की डिग्री

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