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ताज के सामने ये बेंच! क्या है इसका इतिहास, जहां हर कोई बैठकर खिंचवाता है फोटो

इसी क्रम में अभी हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आपने परिवार के साथ ताजमहल को देखने पहुंचे थे, तो आइए हम आपको ताजमहल से जुड़ी एक खास जानकारी को बताते हैं...

Shivakant Shukla

Shivakant ShuklaBy Shivakant Shukla

Published on 29 Feb 2020 12:18 PM GMT

ताज के सामने ये बेंच! क्या है इसका इतिहास, जहां हर कोई बैठकर खिंचवाता है फोटो
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नई दिल्ली: दुनिया के 8 अजूबों में शामिल ताजमहल ​के बारे में तो हर कोई जानता है, और यहां जाना भी चाहता है। देश दुनिया से लोग यहां घूमने आते हैं। इसी क्रम में अभी हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आपने परिवार के साथ ताजमहल को देखने पहुंचे थे, तो आइए हम आपको ताजमहल से जुड़ी एक खास जानकारी को बताते हैं...

दरअसल,ताजमहल के सामने एक बेंच लगी हुई है। जिस पर बैठकर एक तस्वीर खिंचवाई तो बनती ही है। अब चाहे वो अमीर हो या फिर गरीब। सब की चाहत होती है कि अगर आप आगरा गए ताजमहल को देखा तो उस बेंच पर बैठकर एक तस्वीर खिंचवाने की। जी हाँ ताजमहल के सामने लगे इस संगमरमर पत्थर की बेंच पर बैठकर हर पर्यटक फोटो जरूर करवाता है।

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इस बेंच की अपनी खासियत है इसका नाम डायना बेंच है। इस बेंच पर बैठकर डायना के तस्वीर खिंचवाने के बाद से ये बेंच दुनिया भर में फेसम हुई। दुनिया के सात अजूबों में शुमार ताजमहल जितना खूबसूरत है, उसी परिसर में सेंट्रल टैंक पर लगी डायना बेंच भी उतनी ही मशहूर है।

यहां जानें इस बेंच की खासियत

पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र रहने वाली डायना बेंच शाहजहां ने नहीं लगवाई थी। यह तो ताज बनने के 260 वर्ष बाद लगी थी। मुगल शहंशाह ने ताजमहल का निर्माण सन् 1632 से 1648 के बीच कराया था। तब ये बेंच नहीं थीं।

इतिहासकारों के अनुसार वर्ष 1902 में तत्कालीन वायसराय लॉर्ड कर्जन आगरा आए थे। उनके कार्यकाल के दौरान ताजमहल परिसर में कई परिवर्तन कराए गए थे। गार्डन में लगे ऊंचे-ऊंचे पेड़ों की वजह से तब ताजमहल वीडियो प्लेटफार्म से नजर नहीं आता था। ताजमहल पूरा नजर आए, इसके लिए पुराने पेड़ों को काटा गया था।

लॉर्ड कर्जन के समय 1907-08 में सेंट्रल टैंक पर संगमरमर की चार बेंच लगाई गई थीं। इस बेंच पर बैठने के बाद पीछे ताजमहल का विहंगम नजारा भी कैमरे में कैद हो जाता है। ऐसे दृश्य वाला फोटो ताजमहल के दीदार की याद दिलाता रहता है। ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ जनवरी, 1961 में पति प्रिंस फिलिप के साथ ताज देखने आई थीं। उन्होंने भी सेंट्रल टैंक स्थित बैंच पर बैठकर फोटो खिंचवाए थे। मगर उनके नाम पर यह प्रसिद्ध न हो सकी।

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वर्ष 1992 में ताजमहल देखने प्रिंसेज डायना आईं थीं। उन्होंने इसी बेंच पर बैठकर फोटो खिंचवाए थे। उनकी लोकप्रियता उस समय चरम पर पर थी। इसके बाद ये बेंच उनके नाम से ही जानने जाना लगा और डायना बेंच के नाम से ही पुकारी जाने लगी। डायना बेंच सेंट्रल टैंक पर मुख्य मकबरे की तरफ स्थित है। जहाँ ताजमहल तस्वीर पूरी तरह से कैमरे में कैद कि जा सकती हैं।

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