सुनील कुमार ने कुश्ती में रचा इतिहास, 27 साल बाद हासिल की एकतरफा जीत

हरियाणा के पहलवान सुनील कुमार (87 भारवर्ग) ने मंगलवार को केडी जाधव स्टेडियम में शुरू हुई एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में में गोल्ड मेडल जीत इतिहास रच दिया है। लगातार दूसरी बार चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचे सुनील ने किर्गिस्तान के आजात सालिदिनोव को एकतरफा 5-0 से हराया।

Published by suman Published: February 19, 2020 | 11:17 am

नई दिल्ली: हरियाणा के पहलवान सुनील कुमार (87 भारवर्ग) ने मंगलवार को केडी जाधव स्टेडियम में शुरू हुई एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में में गोल्ड मेडल जीत इतिहास रच दिया है। लगातार दूसरी बार चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचे सुनील ने किर्गिस्तान के आजात सालिदिनोव को एकतरफा 5-0 से हराया।

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पिछली बार के रजत पदक विजेता ने इस बार पदक का रंग बदल दिया। भारत ने 27 साल बाद ग्रीको रोमन में स्वर्ण पदक हासिल किया है। इससे पहले 1993 में पप्पू यादव ने एशियाई चैंपियनशिप में गोल्ड दिलाया था।भारत को एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में 1993 के बाद पहली बार स्वर्ण पदक मिला है। सुनील कुमार से पहले ये कारनामा पहलवान पप्पू यादव ने किया था।

 

बता दें सुनील कुमार ने एशियाई कुश्ती चैम्पियनशिप के ग्रीको रोमन के 87 किग्रा भारवर्ग के सेमीफाइनल में करिश्माई जीत दर्ज की थी. सुनील कजाखस्तान के अजामत कुस्तुबायेव के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में 1-8 से पिछड़ रहे थे लेकिन उन्होंने लगातार 11 अंक बनाकर कर शानदार वापसी की और मुकाबले को 12-8 से अपने नाम किया, वह 2019 में भी फाइनल में पहुंचे थे लेकिन तब उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा था लेकिन इस बार सुनील ने मैदान मार लिया।

 

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एक अन्य भारतीय अर्जुन हलाकुर्की ने भी ग्रीको रोमन वर्ग की 55 किग्रा स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। अर्जुन का अपने पहले सीनियर अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में यह पहला पदक है। अर्जुन सेमीफाइनल में ईरान के नासिरपोर के खिलाफ 7-1 से आगे चल रहे थे लेकिन उन्हें 7-8 से हार का सामना करना पड़ा।