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चेन्नई टेस्ट में ड्राइविंग सीट पर टीम इंडिया, जीत की मंजिल सिर्फ सात विकेट दूर

आठवें क्रम पर उतरकर टर्न लेने वाली पिच पर शतकीय पारी खेलना वाकई शानदार उपलब्धि है। अश्विन की जोरदार पारी के लिए भारत के दिग्गज क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने भी उन्हें सलाम किया है।

Roshni Khan

Roshni KhanBy Roshni Khan

Published on 16 Feb 2021 3:34 AM GMT

चेन्नई टेस्ट में ड्राइविंग सीट पर टीम इंडिया, जीत की मंजिल सिर्फ सात विकेट दूर
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चेन्नई टेस्ट में ड्राइविंग सीट पर टीम इंडिया, जीत की मंजिल सिर्फ सात विकेट दूर (PC: social media)
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नई दिल्ली: चेन्नई में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में भारत ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली है और जीत की मंजिल सिर्फ सात विकेट दूर रह गई है। मैच की दूसरी पारी में रविचंद्रन अश्विन के दमदार शतक से भारत ने 286 रन बनाकर इंग्लैंड को 482 रनों का टारगेट दिया है मगर इंग्लैंड की टीम पारी की शुरुआत में ही लड़खड़ा गई। तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक इंग्लैंड ने अपनी दूसरी पारी में 3 विकेट खोकर 53 रन बनाए थे। ऐसे में भारत की जीत पक्की नजर आ रही है।

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अश्विन का घरेलू मैदान पर कमाल

आठवें क्रम पर उतरकर टर्न लेने वाली पिच पर शतकीय पारी खेलना वाकई शानदार उपलब्धि है। अश्विन की जोरदार पारी के लिए भारत के दिग्गज क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने भी उन्हें सलाम किया है। अश्विन ने अपने घरेलू मैदान में दूसरे टेस्ट के तीसरे दिन यह कमाल करके हर किसी का दिल जीत लिया।

Ravichandran Ashwin Ravichandran Ashwin (PC: social media)

उन्होंने 148 गेंदों पर 106 रन की पारी खेलकर भारत को दूसरी पारी में 286 रनों के स्कोर तक पहुंचाया। भारत ने पहली पारी में रोहित शर्मा के जोरदार खेल की बदौलत इंग्लैंड पर 195 रन की बढ़त हासिल की थी।

साढ़े चार साल बाद जड़ा शतक

अश्विन ने अपने टेस्ट करियर में पांचवा शतक जड़ा है। अश्विन ने 40 टेस्ट और 54 महीने बाद टेस्ट में शतक जड़ने में कामयाबी हासिल की है। इससे पहले उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ अगस्त 2016 में शतक जड़ा था।

तब उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ शानदार 118 रन बनाए थे। घरेलू मैदान पर पिछला शतक उन्होंने नवंबर 2013 में वेस्टइंडीज के खिलाफ कोलकाता में बनाया था। ऑस्ट्रेलिया के पिछले दौरे के दौरान भी अश्विन ने गेंदबाजी के साथ ही बल्लेबाजी से भी सबको प्रभावित किया था।

राठौड़ की मदद से सुधारी बल्लेबाजी

उनका कहना है कि मैं अपने बल्लेबाजी में सुधार करने में जुटा हुआ हूं और बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौड़ के साथ मेहनत करने के कारण पिछले चार-पांच महीनों के दौरान मेरी बल्लेबाजी में सुधार आया है।

उन्होंने कहा कि अपने मैदान पर शतक लगाकर मैं खुश हूं क्योंकि मुझे नहीं पता कि चेन्नई में अगला टेस्ट कब होगा।

भारतीय स्पिनरों को खेलना होगा मुश्किल

मेहमान टीम अभी भी टारगेट से 429 रन दूर है, लेकिन जिस तरह पिच पर स्पिन गेंदबाजों की गेंद टर्न हो रही है उसे देखते हुए भारत के लिए इस टेस्ट मैच में जीत हासिल करना ज्यादा मुश्किल नहीं होगा।

चौथी पारी में भारत के स्पिन गेंदबाजों अश्विन, अक्षर पटेल और कुलदीप यादव को खेलना मेहमान टीम के लिए काफी टेढ़ी खीर साबित होगा। जानकारों का कहना है कि इंग्लैंड की सारी उम्मीदें अब जो रूट और स्ट्रोक्स पर टिकी हैं और अगर भारत ने इन दोनों विकेटों को जल्दी हासिल कर लिया तो इंग्लैंड की कमर टूट जाएगी।

इतना बड़ा लक्ष्य हासिल करना मुश्किल

अभी तक कोई भी टीम इतना बड़ा लक्ष्य हासिल करने में कामयाब नहीं हुई है। टेस्ट क्रिकेट मैं अभी तक 418 रनों का सबसे बड़ा लक्ष्य हासिल किया गया है। वेस्टइंडीज ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2003 में यह कमाल किया था। यदि एशिया में देखा जाए तो सबसे बड़ा लक्ष्य 395 रनों का हासिल किया गया है जो वेस्टइंडीज की टीम ने हाल में बांग्लादेश के खिलाफ मीरपुर में हासिल किया था।

रूट को जल्दी आउट करना होगा लक्ष्य

चौथे दिन का खेल शुरू होने पर भारत का सबसे बड़ा लक्ष्य इंग्लैंड के कप्तान जो रूट को जल्द आउट करने का होगा जिन्हें इंग्लैंड की बल्लेबाजी की रीढ़ माना जाता है। चेन्नई की में खेले गए पहले टेस्ट में दोहरा शतक लगाकर रूट अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवा चुके हैं।

team-india team-india (PC: social media)

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वे इन दिनों शानदार फार्म में चल रहे हैं और इंग्लैंड की उम्मीद उन्हीं पर टिकी हुई है। भारत का लक्ष्य इस टेस्ट मैच को जीतकर सीरीज में एक-एक की बराबरी हासिल करने का है। मौजूदा स्थितियों को देखते हुए माना जा रहा है कि इस लक्ष्य को हासिल करने में भारत को ज्यादा दिक्कत नहीं होगी।

रिपोर्ट- अंशुमान तिवारी

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