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मैच के दौरान धोनी के ग्लव्स में दिखा यह निशान, जानिए इसकी कहानी

भारत ने विश्व कप 2019 के पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका पर बड़ी जीत के साथ अपने मिशन का आगाज किया है। टीम के उप कप्तान रोहित शर्मा के नाबाद शतक की बदौलत भारत ने 6 विकेट से यह मुकाबला जीत लिया।

Dharmendra kumar

Dharmendra kumarBy Dharmendra kumar

Published on 6 Jun 2019 9:21 AM GMT

मैच के दौरान धोनी के ग्लव्स में दिखा यह निशान, जानिए इसकी कहानी
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साउथम्पटन: भारत ने विश्व कप 2019 के पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका पर बड़ी जीत के साथ अपने मिशन का आगाज किया है। टीम के उप कप्तान रोहित शर्मा के नाबाद शतक की बदौलत भारत ने 6 विकेट से यह मुकाबला जीत लिया।

इस मैच में युजवेंद्र चहल की धारदार गेंदबाजी (4/51) के अलावा रोहित शर्मा की जोरदार शतकीय पारी (नाबाद 122) ने सुर्खियां बटोरीं, लेकिन मैच के दौरान महेंद्र सिंह धोनी के विकेटकीपिंग ग्लव्स ने सबसे ज्यादा चौंकाया। दरअसल, उनके ग्लव्स पर अनोखा निशान (प्रतीक चिह्न) देखने को मिला, जिसे हर कोई इस्तेमाल में नहीं ला सकता।

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बता दें कि यह बैज पैरा-कमांडो लगाते हैं। इस बैज को 'बलिदान बैज' के नाम से जाना जाता है। भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को क्रिकेट में उनकी उपलब्धियों के कारण 2011 में प्रादेशिक सेना में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल की रैंक दी गई थी।

धोनी को मानद कमीशन दिया गया क्योंकि वह एक युवा आइकन हैं और वह युवाओं को सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। धोनी एक प्रशिक्षित पैराट्रूपर हैं। उन्होंने पैरा बेसिक कोर्स किया है और पैराट्रूपर विंग्स पहनते हैं।

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महेंद्र सिंह धोनी ने प्रादेशिक सेना (टीए) की 106 पैराशूट रेजिमेंट में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल के रूप में अपनी रैंक को साबित कर दिखाया। धोनी अगस्त 2015 में प्रशिक्षित पैराट्रूपर बन गए थे। आगरा के पैराट्रूपर्स ट्रेनिंग स्कूल (पीटीएस) में भारतीय वायु सेना के एएन-32 विमान से पांचवीं छलांग पूरी करने के बाद उन्होंने प्रतिष्ठित पैरा विंग्स प्रतीक चिह्न (Para Wings insignia) लगाने की अर्हता प्राप्त कर ली थी।

क्या है बलिदान बैज?

पैराशूट रेजिमेंट के विशेष बलों के पास उनके अलग बैज होते हैं, जिन्हें 'बलिदान' के रूप में जाना जाता है। इस बैज में 'बलिदान' शब्द को देवनागरी लिपि में लिखा गया है। यह बैज चांदी की धातु से बना होता है, जिसमें ऊपर की तरफ लाल प्लास्टिक का आयत होता है। यह बैज केवल पैरा-कमांडो द्वारा पहना जाता है।

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