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देश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि जिन किसानों को किसान सम्मान निधि नहीं मिली है, वह अपने अभिलेख दुरुस्त करा लें, उन्हें योजना का लाभ मिलेगा। वंचित किसानों का पुनः प्रदेश के सभी जनपदों में सत्यापन होगा।

लखनऊ: इंटरमीडिएट की परीक्षा पास करने के बाद छात्र बहुत परेशान रहते हैं कि आगे क्या किया जाये, किसी से पूछने पर अधिकतर लोग इंजीनियरिंग, डॉक्टर आदि जैसे कोर्स की सलाह ही देते हैं। लेकिन आपके पास इससे भी अच्छे विकल्प मौज़ूद है। आज हम आपको इन कोर्सों के अतिरिक्त एक ऐसा कोर्स बताते हैं …

नई दिल्ली : गांवों की दशा सुधारने के लिए 14.5 लाख करोड़ का प्रावधान किया है। इसमें से 11 लाख करोड़ का इस्तेमाल किसानों को कर्ज देने के लिए किया जाएगा। ये भी देखें : PM ने दावोस में जो भाषण दिया था, बजट में उसे भुला दिया गया ! -आलू, टमाटर, प्याज की खेती करने वाले …

नई दिल्ली: भारत और इजरायल सोमवार (15 जनवरी) को व्यापार और उद्योगों से जुड़े करीब 10 समझौता-पत्र यानि एमओयू पर हस्ताक्षर कर सकता है। इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के साथ भारत आए 130 प्रतिनिधियों की मौजूदगी में ये समझौते होंगे। इनमें ऊर्जा, जल, ऑटोमेशन प्रॉजेक्ट्स और आईटी के क्षेत्र में हो सकते हैं। बताया जा …

पांडुरंग हेगड़े खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) की स्थापना 1945 में हुई थी। एफएओ का आकलन है कि भूख, गरीबी और जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाले मौसमी बदलाव की वजह से लगभग 763 मिलियन लोग अपने ही देश में किसानी छोडक़र बेहतर आजीविका अवसरों की तलाश में प्रवास कर जाते है। भारत की लगभग …

लाल बहादुर शास्त्री भवन एनेक्सी में तैनात प्रमुख सचिव कृषि के निजी सचिव नेकराम संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए हैं। एलडीए कालोनी में रहने वाले

  11 आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल केशव मौर्य के तेवर से नहीं मिल पा रही राजनीतिक शरण आरबी त्रिपाठी की स्पेशल रिपोर्ट लखनऊ। सैम हिगिनबॉटम यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी एंड साइंस (शुआट्स) में करोड़ों के गबन का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। अल्पसंख्यक संस्थान के नाम पर राजनीतिक शरण तलाश …

जरा सोचिए विना ड्राइवर के ट्रैक्टर कैसे चलेगा। अपने देश में इस तरह का ट्रैक्टर लॉच हो चुका है। इस ड्राइवरलेस ट्रैक्टर में कई अनूठी खूबियां हैं। जीपी

इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) के छात्रों ने एक ऐसी पहली स्वदेशी स्पोर्ट्स कार तैयार की है, जो हर तरह के रास्ते पर आसानी से दौड़ सकती है। इसका सस्पेंशन इस तरह बनाया गया है कि रेगिस्तान हो या कोई उबड़-खाबड़ रास्ता हर दुर्गम रास्तों पर भी आसानी से ले जाया जा सके। इतना ही नहीं दलदल और रेत पर भी अच्छी रफ्तार से चल सकती है। इसके अलावा बार्डर पर पेट्रोलिंग और सामानों को ले जाने में ये बेहतर कारगर साबित हो सकती है।

लखनऊ: आजकल तो टेक्नोलॉजी का दौर चल रहा है हर कोई टेक्नोलॉजी का भरपूर फायदा उठा रहा है। ऐसे में भला हमारे इंडिया जो कि पहले से ही कृषि प्रधान देश है, वह टेक्नोलॉजी से दूर कैसे रह सकता है? आजकल तो एग्रीकल्चर के लिए भी एक से बढ़कर एक ऐप आ रहे हैं, जिनसे …