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5 अप्रैल  रविवार  को रात नौ बजे घर की बालकनी में दीया जलाने की पीएम मोदी ने देशवासियों से अपील की है।  पीएम की इस अपील पर सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। एक ओर जहां तमाम लोग इसका समर्थन करते नजर आ रहे हैं

सोमवार को लोकसभा में दिल्ली के जामिया और शाहीन बाग इलाके में हुई फायरिंग का मुद्दा उठा, जिस पर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। वहीं लोकसभा की कार्यवाही के दौरान हैदराबाद से सांसद और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सदन में जामिया के छात्रों को समर्थन देने का ऐलान किया है।

दिल्ली के जेएनयु के छात्र शरजील इमाम के विवादित बयान को लेकर अब हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी भी सामने आ गए हैं। ओवैसी ने कहा है भारत कोई मुर्गी की गर्दन नहीं है जिसे तोड़ा जा सके।

कल पीएम मोदी ने कहा था कि कांग्रेस के एक बड़े नेता ने कहा था कि मुसलमान गटर में रहना चाहते हैं तो रहें, इसको लेकर आज देश की राजनीति गर्म है, इस पूरे विवाद में ए. आई. एम. आई. एम के असदुद्दीन ओवैसी भी कूद पड़े हैं।

झारखंड में एक मुस्लिम युवक को भीड़ ने पीट पीट कर मौत के घाट उतार दिया। इस दौरान उससे कथित रूप से जबरदस्ती जय श्रीराम और जय हनुमान के नारे भी लगवाए गए।

ओवैसी ने बिल का विरोध करते हुए कहा कि यह संविधान के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि इस बिल से सिर्फ मुस्लिम पुरुषों को सजा मिलेगी, सरकार को सिर्फ मुस्लिम महिलाओं से हमदर्दी क्यों है, केरल की हिन्दू महिलाओं की चिंता सरकार क्यों नहीं कर रही है।

केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने लोकसभा में भारी हंगामे के बीच यह बिल पेश किया। सरकार के पिछले कार्यकाल में भी तीन तलाक पर बिल लाया गया था लेकिन लोकसभा से पारित हो जाने के बाद यह बिल राज्यसभा से पास नहीं हो पाया था।

नई दिल्ली: मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बगैर मेहरम यानि पुरुष अभिभावक के हज पर महिलाओं के जाने पर पीएम नरेंद्र मोदी की घोषणा पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, कि ‘विदेशी सरकार जो काम पहले ही कर चुकी है उसका श्रेय प्रधानमंत्री को नहीं लेना चाहिए।’ एमआईएम सांसद ओवैसी ने एक …