×

Ayodhya Places to Visit: अयोध्या में घूमने की इन जगहों पर जाना न भूलें, आधुनिक होते तीर्थस्थल की देखें बदलती तस्वीर

Ayodhya Famous Places: अयोध्या भारत के सबसे पुराने धार्मिक स्थल के रूप में जाना जाता है। भगवान राम का जन्मस्थान अयोध्या है। यह शहर सरयू नदी के तट पर स्थित है और प्राचीन कौशल साम्राज्य की राजधानी थी।

Vidushi Mishra
Updated on: 15 Sep 2022 4:51 AM GMT
places to visit in ayodhya
X

अयोध्या में घूमने की जगह (फोटो- सोशल मीडिया)

  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo
Click the Play button to listen to article

Ayodhya Mein Ghumne ki : अयोध्या भारत के सबसे पुराने धार्मिक स्थल के रूप में जाना जाता है। भगवान राम का जन्मस्थान अयोध्या है। यह शहर सरयू नदी के तट पर स्थित है और प्राचीन कौशल साम्राज्य की राजधानी थी। यह शहर हिंदू देवता मनु द्वारा स्थापित होने के लिए जाना जाता था। प्रसिद्ध तीर्थस्थल अयोध्या में हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। यहां राम लला के मंदिर का निर्माण कार्य जारी है। इसके साथ ही तेजी से आधुनिक हो रहे अयोध्या की सूरत जल्द ही बदलने वाली है। यहां पर देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओँ के लिए हाईटेक एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन का निर्माण कार्य भी तेजी से हो रहा है। ऐसा बताया जा रहा है कि एयरपोर्ट के पहले टर्मिनल से हवाई उड़ानों की शुरूआत अप्रैल 2023 तक शुरू हो जाएगी। अब आइए आपको अयोध्या के अन्य पर्यटन स्थलों के बारे में बताते हैं।

अयोध्या में घूमने की जगह

1. राम जन्मभूमि मंदिर

राम जन्मभूमि मंदिर अयोध्या के प्रमुख आकर्षणों में से एक है। यह स्थान भगवान विष्णु के 7वें अवतार भगवान राम की जन्मस्थली माना जाता है। कहा जाता है कि मूल मंदिर को 1528 ईस्वी में मुगल सम्राट बाबर द्वारा ध्वस्त कर दिया गया था और उसी जगह पर एक मस्जिद का निर्माण किया गया था। हालांकि मस्जिद को 1992 में ध्वस्त कर दिया गया था और तब से अयोध्या में कई सालों तक मंदिर-मस्जिद को लेकर हिंदु-मुसलमानों के बीच विवाद चला।

लेकिन सालों बाद 9 नवंबर 2019 को देश की सबसे बड़ी अदालत ने सबसे बड़े फैसले में अयोध्या की विवादित भूमि पर रामलला विराजमान का हक माना है। साथ ही मुस्लिम पक्ष को अयोध्या में ही 5 एकड़ जमीन देने का आदेश दिया। इस फैसले के बाद अब अयोध्या में रामलला के मंदिर और बाबरी मस्जिद का निर्माण कार्य प्रगति पर है।

2. मोती महल

मुगल वास्तुकला में बेहतरीन नमूनों में से एक, मोती महल नवाब शुजा-उद-दौला की पत्नी का निवास स्थान था और इसका निर्माण 1743 ईस्वी में किया गया था। ये महल पास के शहर फैजाबाद में स्थित है और अपनी अनूठी वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है। इस महल को देखने के लिए यहां पर्यटकों का तांता लगा रहता है।

3. हनुमान गढ़ी

फोटो-सोशल मीडिया

अयोध्या में सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक, हनुमान गढ़ी महाबलि हनुमान जी को समर्पित मंदिर है। ये मंदिर अवध के नवाब द्वारा बनाया गया था। इस मंदिर की विशेषता हैं यहां की 70 सीढ़ियाँ। यहां पर पूरे साल ही भक्तों का भीड़ लगी रहती है।

4. त्रेता के ठाकुर

त्रेता के ठाकुर अयोध्या में सरयू नदी के तट पर स्थित एक प्राचीन मंदिर है। ऐसा कहा जाता है कि इस मंदिर में भगवान राम की मूर्तियां हैं जिन्हें प्राचीन काल में काले बलुआ पत्थरों से तराशा गया था। ये वह स्थान है जहां भगवान राम ने अश्वमेध यज्ञ किया था।

5. कनक भवन

फोटो-सोशल मीडिया

कनक भवन अयोध्या का बहुत प्रसिद्ध मंदिर है। जो भगवान राम की माँ कैकेयी द्वारा विवाह के तुरंत बाद सीता को उपहार में दिया गया था। मंदिर को बाद में परमार वंश के राजा विक्रमादित्य द्वारा पुनर्निर्मित किया गया था और 1891 में फिर से बनाया गया था। कनक भवन अयोध्या में वास्तुकला का अद्भुत तोहफा है।

6. गुप्तार घाट

गुप्तार घाट सरयू नदी के तट पर स्थित है और हिंदुओं के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थान है। गुप्तार घाट को वह स्थान माना जाता है जहां भगवान राजा राम ने खुद को 'जल समाधि' में डुबो दिया था। इस घाट में कई पुराने मंदिर भी हैं। यहां हर दिन आरती होती है।

7. गुलाब बारी

गुलाब बारी स्मारक अयोध्या के पास फैजाबाद में स्थित है और नवाब शुजा-उद-दौला का मकबरा है। गुलाब बारी का नाम कई तरह के गुलाबों का बगीचा होने की वजह से पड़ा। इस जगह को और ज्यादा सुशोभित करने वाले पानी के फव्वारों ने यहां की सुंदरता को बहुत बढ़ा दिया है। वास्तुकला हिंदू और मुगल शैली के बीच एक क्रॉस है जिसे अक्सर नवाबी शैली के रूप में वर्णित किया जाता है।

8. बहू बेगम की समाधि

बहू बेगम या बहू बेगम का मकबरा का मकबरा, अयोध्या के पवित्र शहर में स्थित एक और महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्मारक है। मकबरा 1816 में शुजा-उद-दौला की पत्नी बहू बेगम के विश्राम स्थल के रूप में बनाया गया था। विशिष्ट नवाबी शैली में बना ये मकबरा एतिहासिक स्मारकों के लिए मिसाल है। इसे अच्छी तरह से बनाए रखा गया है। यहां हरे भरे बगीचे और मकबरा सफेद संगमरमर में बनाया गया है।


Vidushi Mishra

Vidushi Mishra

Next Story