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स्वर्ग से कम नहीं हैं भारत के ये गांव, यहां जाने से बढ़ जाएगी उम्र

अगर आपको गांव का जनजीवन भाता है, वहां रहना पसंद है, तो जानते हैं देश के उन गांवों के बारे में जो स्वर्ग से कम नहीं है।

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Published on 23 April 2021 4:22 AM GMT

भारत के खूबसूरत गांव
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सांकेतिक तस्वीर( साभार-सोशल मीडिया)

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लखनऊ : भारत गांवों (Villages in India) का देश हैं, यहां कि 70 प्रतिशत जनसंख्या(Population) गांवों में ही रहती है, अगर आप भी गांव में रहने के शौकिन है, गांवों का जनजीवन आपको भाता है तो भारत के कुछ गांव आपके लिए है। जहां आप सुख-शांति (Happy peace) से कुछ पल बिता सकते है।

जी हां आज हम आपको बर्फ से ढके पहाड़, चारों तरफ हरियाली और झरनों का नजारा वाले गांवों के बारे में बता रहे है, जो भला किसे पसंद नहीं होगा। देश के ऐसे गांवों को और इनकी खूबसूरती को देखकर स्वर्ग कहे तो गलत नहीं होगा। लोग ऐसे नजारों को देखने के लिए विदेश में जाना पसंद करते हैं। मगर क्या आप जानते हैं कि अपने देश में बहुत सी जगह ऐसी है जो स्वर्ग से कम नहीं लगती है। यहां की खूबसूरत वादियों में हर किसी के खो जाने का मन करता है। तो चलिए भारत के ऐसे गांव के बारे में जानते हैं जो किसी जन्नत से कम नहीं दिखाई देते हैं।

सांंकेतिक तस्वीर(साभार-सोशल मीडिया)

हरियाली मोह लेगी

यह खूबसूरत वादियों से भरा मिरिक गांव दार्जिलिंग के पश्चिम की ओर समुद्र तल से करीब4905 फीट की ऊंचाई पर बना है। यह एक छोटा सा पर खूबसूरत प्राकृतिक नजारों से सुंदर गांव है। यहां पर बनी मिरिक झील इस गांव की सुंदरता को और भी बढ़ाने का काम करती है। यह सुंदर झील चारों तरफ से देवदार के पेड़ों से घिरी हुई है। इसके साथ ही यहां के चाय के बाग, जंगली फूलों से चाद को देखकर हर किसी का मन खिल उठता है।

सांंकेतिक तस्वीर(साभार-सोशल मीडिया)

हवा में शुद्धता

यह गांव मेघालय की राजधानी शिलांग से लगभग 11 कि.मी. की दूरी पर पहाड़ों पर बसा हुआ स्मित गांव है। यहां का कुदरती नजारा हर किसी अपनी ओर खीचने का काम करता है। पहाड़ों के बीच यह गांव एक अलग ही नजारा पेश करता है। इस गांव की खासियत है कि यह प्रदूषण मुक्त है। ऐसे में इसे एशिया का पहला सबसे साफ और खूबसूरत गांव का दर्जा दिया गया है। यहां के अधिकतर लोग सब्जियों और मसालों की खेती कर अपने जीवन का निर्वाह करते हैं। इस शांत व खूबसूरत गांव में जाकर हर कोई शांति व सुकून का अनुभव करता है। ऐसे में यहां पहुंच कर व्यक्ति अपनी जिंदगी की चल रही परेशानियों को भूल शांति महसूस करता है।

सांंकेतिक तस्वीर(साभार-सोशल मीडिया)

एशिका सबसे पहला हरा-भरा गांव

खूबसूरत हरि-भरी वादियों के बीच बसा यह गांव कोहिमा से लगभग 20 कि.मी. की दूरी पर बसा है। इस गांव को एशिया का सबसे पहला हरा-भरा गांव माना जाता है। इस गांव में करीब 100 प्रजातियों के वन्य प्रणी और जीव-जन्तु मौजूद है। इसके साथ ही इस सुंदर और हरियाली से भरे गांव में करीब 200 पौधों की प्रजातियां पाई जाती है। ऐसे में जिन लोगों को हरियाली पसंद होती है। उनके घूमने के लिए यह जगह एकदम बेस्ट मानी जाती है।

सांंकेतिक तस्वीर(साभार-सोशल मीडिया)

एशिया का दूसरा सबसे साफ गांव

यह गांव शिलांग से लगभग 90 कि.मी. की दूरी पर स्थित है। इस गांव को सफाई के मुकाबले में पूरी एशिया में दूसरे नंबर पर रखा गया है। यहां के प्राकृतिक नजारे और खूबसूरत वादियों को देखकर कोई भी इस गांव की तारीफ किए बिना नहीं रह सकता है। इसी गांव में ही एशिया का सबसे मशहूर रूट ब्रिज बना हुआ हा। इसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं।

Suman

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