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गृहयुद्ध के बीच परिवार और CM अखिलेश के इमोशंस को संभाल रहीं डिंपल

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Published on 18 Oct 2016 10:03 AM GMT

गृहयुद्ध के बीच परिवार और CM अखिलेश के इमोशंस को संभाल रहीं डिंपल
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गृहयुद्ध के बीच परिवार और CM अखिलेश के इमोशंस को संभाल रहीं डिंपल

लखनऊ: कहते हैं पारिवारिक कलह उस दीमक की तरह होती है जो रिश्‍तों को अंदर ही अंदर खोखला कर देती है। इन दिनों यूपी का सबसे बड़ा राजनैतिक कुनबा भी इसी संकट से जूझ रहा है। हम बात कर रहे हैं समाजवादी पार्टी की जहां चाचा और भतीजे के बीच छिड़ी जंग परिवार से निकलकर बाजार तक आ गई है। एक तरफ अखिलेश यादव जहां चाचा के सामने झुकने को तैयार नहीं वहीं चाचा शिवपाल भी अड़े हुए हैं। कुर्सी और परिवार के साथ विरोधियों के वार और अपनों के चुभते तीरों का सीएम अखिलेश डटकर सामना कर रहे हैं।

वहीं इस पारिवारिक संघर्षों के बीच एक दूसरा चेहरा भी है, जो बिना कुछ कहे इस गृहयुद्ध में सब कुछ सहन कर रहा है। हम बात कर रहे हैं डिंपल यादव की। डिंपल जहां तीन बच्चों की मां हैं वहीं कन्नौज की सांसद और सपा के सबसे बड़े राजनीतिक घराने की बड़ी बहू भी हैं। इस लिहाज से उनकी जिम्मेदारियां भी ज्यादा हैं।

पारिवारिक विवाद में भले ही घर के और सदस्य कुछ भी बयान देने से न चूक रहे हों पर डिंपल मौन रहती हैं। लेकिन वह अपने पति अखिलेश यादव के साथ हमेशा उनकी ढाल की तरह खड़ी रहती हैं। हर सुख-दुख और तमाम जिम्मेदारियों के बीच वह अपने सभी नैतिक कर्तव्यों का निर्वहन एक भारतीय नारी की तरह कर रही हैं। चाहे फिर वो राजनीतिक मैदान हो या फिर घर-परिवार।

जीवन की तमाम उठापटक के बीच डिंपल के चेहरे पर हमेशा खुशी दिखाई देती है। इतनी कलह के बीच कभी भी उनका साहस डगमगाता नहीं। इतने बड़े राजनीतिक परिवार की बहू होकर भी डिंपल भारतीय संस्कृति के साथ नारी के सभी धर्मों का वह बाखूबी पालन कर रही हैं।

डिंपल कभी कन्नौज की सकरी गलियों में जनता के बीच दिखाई देती हैं तो कभी अपने बच्चें के साथ उनकी खुशियों में शरीक होती हैं। इतना ही नहीं हर पारिवारिक और धार्मिक कार्यों में भी वह हमेशा आगे रहती हैं।

भारतीय संस्कृति को संजोए भारतीय महिलाओं के लिए डिंपल एक मिसाल से कम नहीं हैं। संघर्षों के बीच भी कैसे खुद को मौन रखकर वह घर के हर सदस्य को खुश रखने की कोशिश करती हैं ताकि कभी परिवार न टूटे, कभी कोई जुदा न हो।

परिवार के साथ-साथ सीएम अखिलेेश के इमोशंस को भी वह बाखूबी संभाल रही हैं। टेंशन के वक्‍त डिंपल जैसे ही सीएम को 'अखिलेश दादा' कहकर पुकारती होंगी वैसे ही उनकी सारी पीड़ा और दुख खुद ब खुद खत्‍म हो जातेे होंंगे। अखिलेश हमेशा से इमोशनल रहे हैं, व‍ह डिंपल को अपने लिए लकी मानते हैं और खुद से ज्‍याद उन पर विश्‍वास करते हैं।

बहरहाल, ऊंंचे घरानों में भी डिंपल एक साधारण जीवन जीकर हर परिवार और समाज को एक सीख दे रही हैं।

आगे की स्‍लाइड्स में देखें फोटोज...

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