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राजीव की तस्वीर खींच रहे लखनऊ के PHOTO JOURNALIST की गई थी जान

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RishiBy Rishi

Published on 10 May 2016 7:52 AM GMT

राजीव की तस्वीर खींच रहे लखनऊ के PHOTO JOURNALIST की गई थी जान
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लखनऊः झांसी में वॉटर एक्सप्रेस की फोटो खींचने में इंडियन एक्सप्रेस के फोटोग्राफर रवि कनौजिया की करंट लगने से हुई मौत ने पत्रकार बिरादरी में ऐसी ही एक घटना की याद ताजा कर दी है। साल 1990 के आखिरी दिनों में राजीव गांधी ट्रेन से देश के एक बड़े हिस्से का दौरा कर रहे थे। उनकी तस्वीर खींचने में उस वक्त अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया लखनऊ के फोटो जर्नलिस्ट संजीव प्रेमी का इसी तरह निधन हुआ था।

कानपुर में हुआ था दर्दनाक हादसा

-राजीव गांधी ट्रेन से दिल्ली जा रहे थे।

-कानपुर ट्रेन पहुंची तो संजीव प्रेमी उनकी तस्वीर लेने लगे।

-राजीव गांधी कोच के दरवाजे पर खड़े होकर कार्यकर्ताओं से मिल रहे थे।

-संजीव प्रेमी बेहतर तस्वीर खींचने के लिए बगल के कोच पर चढ़े।

-ऊपर चढ़ते ही हाई टेंशन वाली ओएचई के संपर्क में आने से मौत हो गई।

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बेहतरीन फोटो जर्नलिस्ट थे संजीव

-संजीव प्रेमी लखनऊ के बेहतरीन फोटो जर्नलिस्ट माने जाते थे।

-अलग अंदाज में वह तस्वीरें लेने के लिए वह पहचाने जाते थे।

काम के दौरान चली गई जान

-संजीव प्रेमी और रवि कनौजिया की जान काम के दौरान गई।

-संयोग ही कहा जाएगा कि दोनों ही अंग्रेजी अखबार के फोटोग्राफर थे।

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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