योग करने के लिए है अगर टाइम कम, तो ऑफिस में कर लें ये योगासन

प्रतीकात्मक फोटो

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chair yoga
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लखनऊ: आजकल की भाग दौड़ भरी जिंदगी में अगर लोगों को जिंदा न रहना हो। तो वो शायद बिजी शेड्यूल के चलते उसे भी न लें। कम्पटीशन के इस जमाने में लोग काम के चलते हेल्थ पर बिलकुल भी ध्यान नहीं देते हैं। ज्यादा से ज्यादा लोगों का 90% टाइम ऑफिस में ही गुजरता है। आजकल तो ऑफिस के काम का बरडन इतना ज्यादा होता है कि घर में भी लोग सिस्टम पर जुटे रहते हैं। कंप्यूटर पर 8-9 घंटे काम करते रहने से थकावट महसूस होने लगती है। ऐसे में जरुरत होती है। उन योग टिप्स की जिन्हें हम आसानी से ऑफिस में भी बैठकर कर सकें इससे न केवल हमारी थकान दूर होगी, हमारे माइंड को भी रिफ्रेश होने का मौका मिल जाएगा। ये ऐसे योग टिप्स हैं, जिन्हें बिजी रहने वाले लोग भी कुछ मिनट का टाइम निकालकर आसानी से कर सकते हैं।

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रिफ्रेश योग: यह ऑफिस में करने वाला काफी अच्छा योगासन है। रिफ्रेश योग बॉडी पार्ट्स संचालन और प्राणायाम का हिस्सा है। इसे करने से दिमाग ठंडा व मन कंसंट्रेट होता है। इसे करने के लिए आंख, जीभ, हाथ पैर की कलाइयों, कमर, गर्दन को दाएं-बाएं उपर-नीचे करते हुए गोल-गोल घुमाइए। इसी तरह पैरों के उंगलियों की भी एक्सइरसाइज कीजिए। कानों को मरोडें, पूरा मुंह खोलकर बंद करें। दाएं से बाएं और बाएं से कंधे को पकड़कर दबाएं। इस क्रिया को 10-15 मिनट तक करें। इससे जोडों का दर्द, तनाव, सिरदर्द, गर्दन व कमर का दर्द, पीठ दर्द, आलस्य, कब्ज और गैस आदि में राहत मिलती है।

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गर्दन योग
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गर्दन योग: अपने गर्दन को दाहिने तरफ झुकाते हुए कान से कंधे को छूकर 3-5 बार सांसों को अंदर बाहर कीजिए। इस क्रिया को गर्दन को बाएं तरफ ले जाते हुए कीजिए। इसे करने से गर्दन में हो रहे दर्द से निजात मिलती है।

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वायु मुद्रा
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वायु मुद्रा: इस मुद्रा को बनाने के लिए अंगूठे के बाद वाली पहली अंगुली यानी इंडैक्स फिंगर को मोड़कर उसके नाखून वाले भाग का हल्का दबाव अंगूठे के मूल भाग में किया जाए और अंगूठे से तर्जनी पर दबाव बनाकर शेष तीनो अंगुलियों को सीधा रखा जाए। इससे जो मुद्रा बनती है, उसे वायु मुद्रा कहते हैं। इस मुद्रा को रोज 5-10 मिनट करने से हर तरह की गैस की समस्या वात, पक्षाघात, हाथ-पैर या शरीर में कम्पन, लकवा, हिस्टीरिया जैसे रोग ठीक होते हैं।

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कोणासन
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कोणासन: यह योगा हाथों को आराम देने के लिए किया जाता है। इसे करने के लिए अपने दोनों पैरों को सटाकर सीधे खड़े हो जाइए। आगे की देखते हुए सामने की तरफ झुककर हुए अपनी उंगलियों से जमीन को छूएं। अपने शरीर के उपरी भागों को सीधा रखिए। इस आसन को 10-30 सेकंड तक कीजिए।

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भाष्टिका आसन
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भाष्टिका आसन: इस योगा को करने से पेट के विकारों से राहत मिलती है। इसे करने के लिए आराम से पीठ को सीधा करके बैठ जाइए। अपनी आंखों को बंद करके पेट की मासंपेसियों का ध्यान करके नाक से सांस को अंदर-बाहर कीजिए। इस क्रिया को 5 बार कीजिए।

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  पैर एक्सटेंशन आसन
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पैर एक्सटेंशन आसन: इसे करने के‍ लिए आराम से कुर्सी पर बैठकर एक पैर को मोडकर दूसरे पैर को सामने की तरफ ले जाइए। दोनों हाथों से आगे के पैर को पकड़कर सांसों को अंदर-बाहर 3 से 5 बार कीजिए। इसी तरह से दूसरे पैर के साथ भी कीजिए। इस क्रिया को 5-10 बार कीजिए।

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