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मोदी सरकार पर बढ़ रहा विपक्ष का दबाव? नोटबंदी पर कई बार बदले नियम

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Published on 22 Nov 2016 10:10 AM GMT

मोदी सरकार पर बढ़ रहा विपक्ष का दबाव? नोटबंदी पर कई बार बदले नियम
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मोदी सरकार पर बढ़ रहा विपक्ष का दबाव? नोटबंदी पर कई बार बदले नियम

लखनऊ: नोटबंदी के फैसले के बाद सरकार का अगला कदम क्‍या होगा अभी यह स्‍पष्‍ट नहीं हो पा रहा है। लेकिन नोटबंदी पर सत्ता के गलियारों से लेकर संसद तक विपक्ष सरकार को बैकफुट पर जाने के लिए मजबूर कर रहा है। यही कारण है कि मोदी सरकार हर दिन नियम बदल रही है या फिर छूट दे रही है। नोट एक्सचेंज करने के फैसले में भी सरकार ने कई बदलाव किए पहले ढाई हजार, फिर साढ़े चार हजार इसके बाद 2 हजार कर दिए। सरकार ने किसानों को बीज के लिए 500 के नोट मान्‍य कर लिए हैंं वहीं शादी केे लिए 2.5 लाख तक बैंक से निकालने की छूट दे रही है।

गोवा में भावुक होने के बाद पीएम मोदी 22 नवंबर को एक बैठक के दौरान फिर भवुक हो गए। उन्होंने अपने सांसदों से कहा कि विरोधी दल गलत प्रचार कर रहे हैं। मोदी ने सांसदों से कहा कि वह अपने क्षेत्रों में जाकर जनता को सही जानकारी देंं।

राज्यसभा और लोकसभा में भी हंगामे के चलते सदन नहीं चल पा रहा। वहीं सड़कों पर भी विपक्ष एकजुट होकर मोदी सरकार के खिलाफ उतर आया है। इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर भी विपक्ष हावी दिख रहा है। मंगलवार को ट्वीटर पर #NoteNahiPMBadlo हैशट्रैक हो रहा है । इस पर मोदी सरकार को जमकर कोसा जा रहा है।

अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या मोदी सरकार पर विपक्ष का दबाव बढ़ रहा है? क्या विपक्ष के हमलों ने सरकार को परेशान कर दिया है? अगर नहीं तो मोदी सरकार नोटबंदी पर थोड़ी थोड़ी ढील क्‍यों दे रही है। बार बार नियमों में बदलाव क्‍यों कर रही है। आइए जानते हैं मोदी सरकार ने कब कब दी ढील और किया नियमों में बदलाव।

आगे की स्‍लाइड में देखें कब कब बदले गए नियम और दी गई छूट...

बैंक कर्जदारों को दी राहत

-बैंक कर्जदारों को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने राहत दी है।

-आरबीआई ने एक करोड़ रुपए तक के घर, कार, कृषि एवं अन्य लोन की बकाया किस्त चुकाने के लिए 60 दिन का एक्स्ट्रा समय दिया है।

-इस अवधि में बैंकों को ऐसे कर्ज को एनपीए (नॉन- परफॉर्मिंग एसेट) की कैटेगरी में नहीं दिखाने की छूट होगी।

-आरबीआई ने करंट, ओवरड्राफ्ट और कैश क्रेडिट खाते वालों को 50,000 रुपए हर हफ्ते निकाले की अनुमति भी दे दी है।

बाजार में गेहूं के दाम बढ़ने पर सरकार ने क्या किया

-दिल्ली के बाजार में मंडियों से गेहूं के दामों में कम से कम 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की शिकायतें मिली।

-ऐसे में सरकार ने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के जरिए दिल्ली के बाजार में 14 हजार मिट्रिक टन गेहूं खुले बाजार में उतारने का भी ऐलान किया है।

किसानों को दे दी राहत

-सरकार ने किसानों को बीज खरीदने के लिए 500 पुराना नोट स्वीकार लिया।

-नोट का इस्तेमाल करते हुए किसान किसी भी केंद्र या राज्‍य सरकार की ओर से संचालित केंद्रों से बीज खरीद सकते हैं।

-रबी की बुआई के मौसम को ध्‍यान में रखते हुए सरकार ने 17 नवंबर को किसानों के लिए निकास सीमा को बढ़ाकर 25,000 रुपए कर दिया था।

-इसके साथ ही किसान अपने किसान क्रेडिट कार्ड से भी 25,000 रुपए तक एक बार में निकाल सकते हैं।

-नोटबंदी के बाद देशभर में बैंकों और एटीएम के बाहर लग रही लंबी लाइनों को देखते हुए सरकार ने एक और फैसला किया है।

-देशभर में कुछ चुनिंदा पेट्रोल पंपों में डेबिट कार्ड के जरिए भी लोग हर रोज 2000 रुपए तक निकाल सकेंगे।

-इन पेट्रोल पंपों पर एसबीआई ने स्वाइप मशीनें लगाई हैं। आगे चलकर 20 हजार पेट्रोल पंपों में ये सुविधा मिलेगी।

आगे की स्‍लाइड में देखें ट्वीटर पर कैसे आ रहे कमेंट...















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