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मेगा जॉब फेयर: अरे! तुम तो दिव्‍यांग हो, जो नौकरी दे रहे हैं वही करनी पड़ेगी

aman

amanBy aman

Published on 29 Nov 2016 1:27 PM GMT

मेगा जॉब फेयर: अरे! तुम तो दिव्‍यांग हो, जो नौकरी दे रहे हैं वही करनी पड़ेगी
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लखनऊ: यूपी के बेरोजगारों को लुभाने के लिए केंद्रीय उदयमिता विकास मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने शहर में कॉल्विन तालुकेदार ग्राउंड में मेगा जॉब फेयर का मंगलवार को उद्घाटन किया। उद्देश्य था ज्‍यादा से ज्‍यादा बेरोजगारों और कौशल विकास के अंतर्गत ट्रेंड बेरोजगारों को रोजगार देना।

लेकिन जब नौकरी पाने आए कुछ दिव्‍यांगों ने कंपनियों से रोजगार की जानकारी ली तो पहले उनकी विकलांगता का मजाक बनाया गया। उन्‍हें बताया गया कि उनके लिए यहां कोई रोजगार नहीं है। इसके बाद जब किसी तरह रोजगार मिला तो जबरदस्‍ती दूसरे ट्रेड का ऑफर लेटर थामा दिया।

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ये है मामला

-सीतापुर से आए दिव्‍यांग विनोद कुमार ने बताया कि वह दो दिन पहले ही राजधानी में राेजगार पाने की आस लिए अाया था।

-पहले जब यहां आकर जॉब के बारे में जानकारी ली तो पाया कि दिव्‍यांगों के लिए कोई नौकरी नहीं है।

-विनोद यह सुनकर मायूस हुआ और वापस लौटने लगा।

-तभी एक जागरूक व्‍यक्ति की सलाह पर उसने आयोजकों से संपर्क किया।

-इसके बाद उसका रजिस्‍ट्रेशन समेत इंटरव्यू लिया गया।

आगे की स्लाइड में पढ़ें जब दिव्यांग के साथ हुआ मजाक ...

जबरदस्‍ती दिया मन मुताबिक ऑफर लेटर

-अंत मे बाराबंकी की एमएस इंटरप्राइजेज कंपनी में उसे पल्‍मबर के‍ काम के लिए चयनित किया।

-जॉब पाकर विनोद काफी खुश था। लेकिन जब उसके हाथ ऑफर लेटर आया तो उसके पद की जगह पल्‍मबर की जगह राजमिस्‍त्री लिखा था।

-इसकी शिकायत करने पर अधिकारियों ने कहा कि 'तुम तो दिव्‍यांग हो। जो नौकरी दे रहे हैं वही करनी पड़ेगी, वरना घर जा सकते हो।

-विनोद ने समझाया कि उसने पल्‍मबर की ट्रेनिंग ली है। उसे राजमिस्‍त्री का काम नहीं आता।

-उसकी लाख गुजारिश के बाद भी किसी ने उसकी एक ना सुनी।

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नहीं बता पाए सैलरी कितनी मिलेगी

-जॉब फेयर में 18 हजार लोगों ने रजिस्‍ट्रेशन करवाया और 3,340 लोगों को ऑफर लेटर मिला।

-जब जॉब पाए तारिक खान, कनक कुमारी, वर्षा शर्मा समेत तमाम कैंडीडेट से उनका पैकेज पूछा गया तो वह नहीं बता पाए।

-उनका कहना था कि कंपनी वालों ने इसे बाद में डिक्‍लेयर करने को कहा है।

-ऐसे में बच्‍चों के साथ आए माता पिता ने बताया कि कंपनी के अधिकारी काफी अभद्र व्‍यवहार भी कर रहे हैं।

-बच्‍चों से काफी सख्‍ती से पेश आ रहे हैं और जॉब के बारे में ज्‍यादा डिटेल पूछने पर भड़क जा रहे हैं।

आगे की स्लाइड में पढ़ें जब फेंक दिए गए ऑफर लेटर ...

मंत्री से आफॅर लेटर मिलना था, पर आयोजकों ने फेंक दिया

-कनक कुमारी और तारिक खान ने बताया कि उन्‍हें फूड प्रोसेसिंग की ट्रेनिंग के बाद एक बेकिंग फर्म में यहां आकर जॉब मिली है।

-आयोजकों ने बताया कि आपको मंत्री राजीव प्रताप रूडी मंच पर बुलाकर ऑफर लेटर देंगे।

-इसके लिए हमसे ऑफर लेटर मार्केट से लेमिनेट करवाने को कहा गया है।

-हमने आनन-फानन में किसी तरह महंगी दरों पर लेटर लेमिनेट करवा लिया और जमा कर दिया।

-पर जब मंत्री के हाथों लेटर नहीं मिला तो हमने इसकी पड़ताल की।

-तभी किसी ने बताया कि मंच के पीछे कुछ लेमिनेटेड लेटर पड़े हैं।

-इस पर जब हमने चेक किया तो हमारे लेटर वहां पड़े हुए थे।

-इस व्‍यवहार से हमें काफी दुख हुआ है।

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अमन कुमार, सात सालों से पत्रकारिता कर रहे हैं। New Delhi Ymca में जर्नलिज्म की पढ़ाई के दौरान ही ये 'कृषि जागरण' पत्रिका से जुड़े। इस दौरान इनके कई लेख राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और कृषि से जुड़े मुद्दों पर छप चुके हैं। बाद में ये आकाशवाणी दिल्ली से जुड़े। इस दौरान ये फीचर यूनिट का हिस्सा बने और कई रेडियो फीचर पर टीम वर्क किया। फिर इन्होंने नई पारी की शुरुआत 'इंडिया न्यूज़' ग्रुप से की। यहां इन्होंने दैनिक समाचार पत्र 'आज समाज' के लिए हरियाणा, दिल्ली और जनरल डेस्क पर काम किया। इस दौरान इनके कई व्यंग्यात्मक लेख संपादकीय पन्ने पर छपते रहे। करीब दो सालों से वेब पोर्टल से जुड़े हैं।

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