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अब भूखे नहीं मरेंगे इंसेफेलाइटिस पीड़ितों के तीमारदार,हॉस्पिटल में मिलेगा पेट भर के खाना

इंसेफेलाइटिस की चपेट में आए अपने मासूम बच्चों को लेकर हर कोई जल्दीबाज़ी में मेडिकल कालेज की तरफ भागता है,उन्हें ना खाने की फुरसत होती है ना कपडे बदलने की ।ऐसे में सबसे बड़ी समस्या ये होती है की वो भूखे पेट तड़पते है जिसके लिए उन्हें दुसरो का मुंह ताकना पड़ता है।

priyankajoshi

priyankajoshiBy priyankajoshi

Published on 16 Oct 2016 10:29 AM GMT

अब भूखे नहीं मरेंगे इंसेफेलाइटिस पीड़ितों के तीमारदार,हॉस्पिटल में मिलेगा पेट भर के खाना
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गोरखपुर: इंसेफेलाइटिस जैसी गंभीर बिमारी से जूझ रहे मरीजों के परिवारवालों ने अब चैन की सांस ली है।मुसीबत की इस घडी में गोरखपुर के बाबा राघव दास मेडिकल कालेज ने पीड़ितों के लिए एक स्वैच्छिक अन्न पोष अभियान की शुरुआत की ,जिसमे वो इंसेफेलाइटिस का इलाज करवाने आए मरीजों को भोजन उपलब्ध करवा रहे है।

क्या है पूरा मामला ?

इंसेफेलाइटिस की चपेट में आए अपने मासूम बच्चों को लेकर हर कोई जल्दीबाज़ी में मेडिकल कालेज की तरफ भागता है,उन्हें ना खाने की फुरसत होती है ना कपडे बदलने की ।ऐसे में सबसे बड़ी समस्या ये होती है की वो भूखे पेट तड़पते है जिसके लिए उन्हें दुसरो का मुंह ताकना पड़ता है।

लोगों की ये हालत देख डॉक्टर विजय कुमार श्रीवास्तव ने एक नई पहल कि शुरुआत की ,और मरीजों भूखे परिजनों को भोजन उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया। उन्होंने एकला चलो की तर्ज पर लोगो से मदद की अपील की।डॉक्टर की इस सोच से इम्प्रेस होकर सभी लोगों ने मदद का हाथ आगे बढ़ाया और लाचार लोगों के लिए शुरू की गई इस पहल को कामयाब बनाया।

आगे की स्लाइड में पढ़ें क्या है इंसेफेलाइटिस...

इंसेफेलाइटिस मस्तिष्क की सूजन है। आमतौर पर कारण एक वायरस है, लेकिन कभी कबार इसकी वजहबैक्टीरिया भी हो सकता है।यह हल्का या गंभीर हो सकता है।अधिकांश मामलों में हल्के होते हैं। इस बिमारी में आपको फ्लू जैसे लक्षण दिख सकते है ।

इंसेफेलाइटिस के सिम्पटम्स :

-गंभीर सिरदर्द

-अचानक बुखार

-उनींदापन

-उल्टी

-भ्रम

आगे की स्लाइड्स में देखें कुछ और फोटोज ...

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priyankajoshi

priyankajoshi

इन्होंने पत्रकारीय जीवन की शुरुआत नई दिल्ली में एनडीटीवी से की। इसके अलावा हिंदुस्तान लखनऊ में भी इटर्नशिप किया। वर्तमान में वेब पोर्टल न्यूज़ ट्रैक में दो साल से उप संपादक के पद पर कार्यरत है।

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