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पूजा करते समय उजड़ा था 'गुलशन', ऐसे बनाई थी म्यूजिक इंडस्ट्री में अपनी पहचान

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Published on 8 Nov 2016 11:33 AM GMT

पूजा करते समय उजड़ा था गुलशन, ऐसे बनाई थी म्यूजिक इंडस्ट्री में अपनी पहचान
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नई दिल्लीः अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के साथी अब्दुल रउफ को ढाका सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया है। रउफ टी-सीरीज कंपनी को मालिक गुलशन कुमार की हत्या का आरोपी है। बताया जा रहा है कि बांग्लादेश सरकार रउफ को भारत सरकार को सौंप सकती है। सीनियर जेल सुपरिनटेंडेंट जहांगीर कबीर ने बताया कि रउफ को रविवार को जेल से रिहा किया गया। उसे 2009 में फर्जी पासपोर्ट के मामले में अरेस्ट किया गया था।

रउफ ने की थी गुलशन कुमार की हत्या

5 मई 1951 में दिल्ली के पंजाबी फैमिली में गुलशन कुमार का जन्म हुआ था। 12 अगस्त 1997 में गुलशन कुमार की हत्या कर दी गई थी। उनके पिता चंद्रभान दुआ की दिल्ली में जूस की दुकान थी।

आगे की स्लाइड में पढें कैसे हुई गुलशन कुमार की हत्या...

मुबंई के अंधेरी में स्थित जीतेश्वर महादेव मंदिर में पूजा करते समय गुलशन कुमार को गोली मार दी गई थी। इस हत्या का आरोप नदीम-श्रवण संगीतकार की जोड़ी पर लगाया गया था। रउफ को 2002 में गुलशन कुमार की हत्या करने के आरोप में ऊरत में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। पैरोल पर बीमार मां से मिलने के लिए रिहा हुआ रउफ अप्रैल 2009 को बांग्लादेश भाग गया था। 2013 से भारत बांग्लादेश पर उसके प्रत्यर्पण के लिए जोर दे रहा है।

आगे की स्लाइड में पढिए गुलशन कुमार ने कैसे शुरू की म्यूजिक कंपनी....

बचपन में गुलशन कुमार पिता के साथ जूस की दुकानपर बैठा करते थे। 23 साल की उम्र में उन्होंने एक दुकान खरीदी और उसमें रिकॉर्ड्स और ऑडियो बेचने लगे। इसके बाद उन्होंने नोएडा में अपनी कंपनी खोली और उसे सुपर कैसेट्स इंडस्ट्रीज लिमिटेड का नाम दिया। यह टी-सीरीज के नाम से प्रसिद्ध है।

यहीं से वह म्यूजिक इंडस्ट्री का बड़ा नाम बन गए। वह ओरिजिनल गानों को रिकॉर्ड कर के कम दामों में बेचते थे। इन्होंने भक्ति गानों को भी रिकॉर्ड किया और गुलशन कुमार खुद भी गाने गाया करते थे। 70 के दशक में उनके कैसेट्स की डिमांड बढ़ती गई और वो म्यूजिक इंडस्ट्री के सफल बिजनेसमैन में शामिल हो गए।

आगे की स्लाइड में पढ़ें गुलशन कुमार ने अबू सलेम को क्या दिया था जवाब....

गुलशन कुमार अपनी कमाई का एक हिस्सा सोशल काम में खर्च करते थे। वह वैष्णो देवी के परंम भक्त थे। उनकी रूचि धर्म में काफी थी। उन्होंने वैष्णोदेवी में भंडारेका आयोजन शुरू कराया था, जो आज भी भक्तों के लिए चलाया जाता है। इस भंडारे में भक्तों को निशुल्क भोजन दिया जाता है। लोग बताते हैं कि गुलशन कुमार से अंडरवर्ल्ड डॉन अबु सलेम ने हर महीने 5 लाख रूपए देन को कहा था। इस पर उन्होंने उसे पैसे देने से इनकार कर दिया था और कहा था कि इतने में वह वैष्णो देवी में भंडारा कराएंगे।

आगे की स्लाइड में देखें फोटोज...

तुलसी कुमार गुलशन कुमार की बेटी तुलसी कुमार

भूषण कुमार गुलशन कुमार के बेटे पत्नी के साथ भूषण कुमार गुलशन कुमार के बेटे पत्नी के साथ

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