Top

होली है: द्वारिकाधीश बना ताल-तलैया कि बाहर तक आई रंग की धाराएं

By

Published on 11 March 2017 8:56 AM GMT

होली है: द्वारिकाधीश बना ताल-तलैया कि बाहर तक आई रंग की धाराएं
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

dwarka hurriyariya holi

मथुरा: होरी के हुरियारे भगवान और उनकी हुरियारिन प्रिया होरी में जमकर नाचने के बाद भी नहीं थके। भगवान संग भक्तों की मस्ती का आलम ये रहा कि मंदिर ताल तलैया बन गया और रंग की धारा दरबाजों को पार करके बाहर रास्तों तक आ गईं। जगमोहन में सजा बगीचा और उसी लता-पताकाओं संग फूल पूरी तरह रंग गए। श्रद्धालु ऐसे भीगे के उनके शरीर और वस्त्रों से रंग एवं गुलाल रास्ते तक खूब बहा।

आगे की स्लाइड में देखिए कैसे शुरू हुई द्वारका की मस्ती भरी होली

dwarka hurriyariya holi

पुष्टि मार्ग के मथुरा में स्थित विश्व प्रसिद्ध राजाधिराज द्वारिकाधीश सेवायत गोस्वामी ब्रजेश कुमार के निर्देशन में शुक्रवार को बगीचे की होली का आयोजन किया गया। सेवक समुदाय ने पूर्वान्ह में बगीचे का निर्माण शुरू किया और अपरान्ह 1 बजे से पहले पूरी तरह तैयार कर दिया। इसके बाद मुखिया ब्रजेश कुमार ने सहयोगियों के साथ प्रिया-प्रियतम के चल विग्रहों को बगीचे में विराजमान किया और जब घड़ी में अपरान्ह का 1 बजा तो मुखिया ने रंग वर्षा शुरू कर दी।

आगे की स्लाइड में देखिए कैसे भक्ति रंग में रंगे भक्त

dwarka hurriyariya holi

भक्तों ने इस रंग को प्रभु का प्रसाद मानकर अपने तन-बदन पर श्रद्धा संग लिया। पिचकारियों से हर तरफ रंग बरसने लगा। गुलाल से मंदिर में बादल बन गए। टेसू फूलों, गुलाल जल, हरे, लाल, बैंगनी, रंगों एवं गुलाल की खुशबू से मंदिर से महकने लगा।

आगे की स्लाइड में देखिए भक्तों की भक्ति रंग भरी होली

dwarka hurriyariya holi

भक्त भी भगवान संग उनके प्रतिनिधि सेवकों से होरी खेलने के लिए भारी तादात में रंग, गुलाल लेकर आए और उन्होंने भी जी भर होली खेली।

आगे की स्लाइड में देखिए द्वारका की इस अनोखी होली के नजारे

dwarka hurriyariya holi

भक्तों और भगवान के रंगों एवं गुलालों की बरसात से मंदिर परिसर में धारा प्रवाहित दिखाई दी। मस्ती धमाल और रंग सरिता इतनी अधिक रही कि रंग की धारा दरबाजे पार करके मंदिर के बाजार की ओर के मुख्य द्वार तथा द्वारिकाधीश की बजरिया तक पहुंच गई।

आगे की स्लाइड में देखिए द्वारका की इस अनोखी होली के नजारे

dwarka hurriyariya holi

भगवान और भक्तों के बीच हुई इस जबरदस्त होरी के दौरान रसिकों ने बम-ढप बजाते हुए ऐसी होरी में लगि जाइ आग री कैसो चटक रंग डारयो जैसे रोमांचित करने वाले रसिया गाकर माहौल को अपने रंग में रंगा।

आगे की स्लाइड में देखिए द्वारका की इस अनोखी होली के नजारे

dwarka hurriyariya holi

इस दौरान भक्त आत्मविभोर होकर खूब नांचे और रसिकों के गायन-वादन में उनका साथ दिया।

आगे की स्लाइड में देखिए द्वारका की इस अनोखी होली के नजारे

dwarka hurriyariya holi

आगे की स्लाइड में देखिए द्वारका की इस अनोखी होली के नजारे

dwarka hurriyariya holi

आगे की स्लाइड में देखिए द्वारका की इस अनोखी होली के नजारे

dwarka hurriyariya holi

आगे की स्लाइड में देखिए द्वारका की इस अनोखी होली के नजारे

dwarka hurriyariya holi

आगे की स्लाइड में देखिए द्वारका की इस अनोखी होली के नजारे

dwarka hurriyariya holi

Next Story