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करुणानिधि भले कैसे रहे हों लेकिन इस मामले में तो तारीफ बनती है मेरे दोस्त

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RishiBy Rishi

Published on 15 Aug 2018 12:58 PM GMT

करुणानिधि भले कैसे रहे हों लेकिन इस मामले में तो तारीफ बनती है मेरे दोस्त
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चेन्नई : द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के दिवंगत अध्यक्ष एम. करुणानिधि ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्रियों द्वारा झंडा फहराने की पंरपरा की बुनियाद रखी थी। देश के स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद राज्यों में गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर केवल राज्यपाल ही झंडा फहराते थे।

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1974 में करुणानिधि ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के तौर पर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को दिल्ली में इस बारे में अलग मापदंड का हवाला देते हुए पत्र लिखा था।

करुणानिधि ने कहा था कि गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति झंडा फहराते हैं और स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री ऐसा करते हैं।

उन्होंने इंदिरा गांधी से कहा था कि मुख्यमंत्रियों को भी स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगे को फहराने का अवसर मिलना चाहिए।

करुणानिधि की सलाह को केंद्र सरकार ने स्वीकार कर लिया था और इसे लागू करने के लिए सभी राज्य सरकारों को सूचित कर दिया गया।

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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