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ब्रज में लठमार होली की तैयारियां शुरू, कुछ इस तरह साज-श्रृंगार में जुटी हैं महिलाएं

priyankajoshi

priyankajoshiBy priyankajoshi

Published on 3 March 2017 10:39 AM GMT

ब्रज में लठमार होली की तैयारियां शुरू, कुछ इस तरह साज-श्रृंगार में जुटी हैं महिलाएं
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मथुरा : होली की बात करते है तो सबसे पहले ब्रज का ही नाम जुबान पर आता है। ब्रज में भी नंदगांव बरसाना। भगवान श्री कृष्ण और राधा के अनंत प्रेम के उत्सव होली का बरसाना और नंदगांव में बड़ा ही विचित्र रूप देखने को मिलता है। बरसाना नंदगांव की लठमार होली जग प्रसिद्ध है।

इस बार ये लठामार होली 6 और 7 मार्च को बरसाना और नंदगांव की होगी। लेकिन वहां पर अभी से काफी जोर शोर से तैयारियां चल रही है। बरसाना और नंदगांव की गोपियां काफी दिनों से अपनी लाठियों को चमकाने में लगी है।

आगे की स्लाइड्स में जानिए क्यों कहते है लठमार होली...

इसे लठमार होली क्यों कहते है?

बरसाना राधा जी के गांव के रूप में जाना जाता है, तो वहीं पास में 8 किलोमीटर के फासले पर भगवान श्री कृष्ण का गांव नंदगांव बसा है। लठामार होली का ये सिलसिला इन दोनों गांवों के बीच युगों से चला आ रहा है। कहते है कि कृष्ण कन्हैया का बरसाना में ससुराल है।

जब कन्हैया अपनी मित्र मण्डली के साथ अपने ससुराल बरसाना में होली खेलने जाते है और वो राधा जी और उनकी सखियों से हंसी ठिठोली करते है तो उसके विरोध में राधाजी और उनकी सखिया नंदलाल और उनकी उत्पाती टोली पर प्रेम पगी लाठियों से प्रहार करती हैं। वहीं सखा अपनी-अपनी ढालों से बचाव करते है। इसी को लठामार होली का नाम दे दिया।

अधिक जानकारी के लिए आगे की स्लाइड्स में जाएं...

देश-विदेश से देखेने आते है लाखों लोग

फाल्गुन शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को बरसाना की रंगीली गलियों में बरसाना की महिलाएं राधा रानी की सखियों के रूप में अपने हाथों में मजबूत लाठी लेकर नंदगाव के नटखट नंदलाल और उनके सखाओं की टोली पर अपनी लाठी से जम कर प्रहार करती है। इन महिलाओं को होली में हुरियारिन कहा जाता है। होली खेलने वाले पुरुषों को हुरियारे का नाम दिया गया है। ठीक अगले दिन यानि दशमी तिथि को यही दृश्य नंदगांव में देखने को मिलेगा। जहां नंदगांव की हुरियारिनें होंगी और बरसाना के हुरियारे। भगवान की प्रेम रस की इस लीला को देखने के लिए देश विदेश से लाखों श्रद्धालु यहां आते है।

आजकल बरसाना और नंदगांव के घर घर में इस अनौखी लठामार होली की तैयारियां चल रही है। गोस्वामी समाज के घरों की महिलाएं अपनी-अपनी लाठियों से लेकर अपने साज-श्रृंगार की तैयारी में जुटी हुई हैं।

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इन्होंने पत्रकारीय जीवन की शुरुआत नई दिल्ली में एनडीटीवी से की। इसके अलावा हिंदुस्तान लखनऊ में भी इटर्नशिप किया। वर्तमान में वेब पोर्टल न्यूज़ ट्रैक में दो साल से उप संपादक के पद पर कार्यरत है।

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