Top

शरीर में इस तंत्र में कमजोरी, होता है लोगों का एनर्जी का लेवल कम

suman

sumanBy suman

Published on 14 Oct 2018 10:26 AM GMT

शरीर में इस तंत्र में कमजोरी, होता है लोगों का एनर्जी का लेवल कम
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

जयपुर:कुछ लोगों में एनर्जी का लेवल बहुत कम दिखता है, लेकिन अगर बॉडी मेटाबॉलिज्म को ठीक रखा जाए तो इस तरह की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। ईजिली अपने मेटाबॉलिज्म को मेंटेन कर सकते हैं।कुछ लोग बाहर से हेल्दी दिखाई देते है, पर अंदर से बुझा-बुझा रहते है। उन्हें न कुछ पचता है, न ही कोई काम आगे बढ़कर करने की इच्छा होती है। ऐसे लोगों को कोई बीमारी नहीं है, बस उनका मेटाबॉलिज्म कमजोर है, जिसकी वजह से उसे भोजन नहीं पचता। शरीर को पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिलने की वजह से वह सुस्त रहता है।

मेटाबॉलिज्म ग्रीक भाषा का शब्द है, जिसका मतलब होता है बदलना या स्थानांतरण। यहां बदलाव का अर्थ शरीर में होने वाली क्रियाओं से है। हमारे शरीर में कई तरह की रासायनिक और भौतिक क्रियाएं होती हैं।वह क्रिया जिसके द्वारा भोजन ऊर्जा में बदल जाता है, मेटाबॉलिज्म यानी चयापचय कहलाता है। भोजन इस क्रिया द्वारा शरीर के ऊतकों में पहुंचता है और शरीर की वृद्धि और मरम्मत के साथ-साथ दैनिक कार्यों के लिए ऊर्जा या शक्ति में बदल जाता है।

मेटाबॉलिज्म को जीवनशैली में बदलाव के जरिए मेंटेन किया जा सकता है। इसके लिए इन बातों पर गौर करें-

शरीर के सुचारू रूप से काम करने के लिए भोजन-रूपी ईंधन की जरूरत होती है। इसलिए सुबह हेल्दी नाश्ता जरूर करें।कभी कम और कभी ज्यादा खाने की बजाय दिनभर में कई बार थोड़ा-थोड़ा खाएं। अनियमित खान-पान से मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है। जैसे एक साथ बहुत सारा खाना खाने से खून में इंसुलिन की मात्रा बढ़ जाती है।इससे शरीर में मौजूद अतिरिक्त कैलोरी, फैट के रूप में जमा होने लगती है, जो मोटापे के रूप में दिखाई देती है।इसलिए निश्चित अंतराल पर ही खाना खाएं। इससे इंसुलिन स्थिर रहता है।

इस रत्न का जितना जल्दी मिलता है लाभ,उतना ही है बुरा परिणाम,इसलिए धारण करने पहले करें विचार

मेटाबॉलिज्म भी सुचारु रूप से होता है। इसके लिए कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, हरी सब्जियां, फल, चोकर युक्त आटा आदि को भोजन में शामिल करें।कार्डियोवैस्कुलर एक्सरसाइज करें। ये ना केवल शरीर में मौजूद अतिरिक्त कैलोरीज नष्ट करती हैं, बल्कि कार्यक्षमता में भी बढ़ोत्तरी करती हैं। ब्लड प्रेशर और हृदय रोगियों को भी इससे कोई नुकसान नहीं पहुंचता।कुछ लोग कार्डियो एक्सरसाइज करने के बाद शरीर में सुस्ती की शिकायत करते हैं, पर ऐसा तभी होता है, जब आप शारीरिक श्रम के मुकाबले बहुत कम भोजन करते हैं।

मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए नियमित रूप से व्यायाम करें, क्योंकि मजबूत मांसपेशियों और मेटाबॉलिज्म के बीच घनिष्ठ संबंध है।अगर आप नियमित एक्सरसाइज नहीं कर सकते हैं, तो पैदल चलने की आदत डालें। दिन में 1-2 घंटा पैदल चलने के बाद आपको खुद लगेगा कि कैसे मेटाबॉलिज्म दुरुस्त हो रहा है।खुल कर भूख लग रही है। मंदिर, बाजार, बैंक, स्कूल पैदल जाएं, घरेलू काम करें। बार-बार उठने-बैठने से आपका अच्छा व्यायाम हो जाएगा।भरपूर नींद लें। जैसे शरीर का क्रियाशील रहना जरूरी है, वैसे ही पर्याप्त आराम भी। पर्याप्त नींद के बिना मेटाबॉलिज्म को दुरुस्त नहीं रखा जा सकता।

suman

suman

Next Story