मोबाइल रेडिएशन का हो रहा ऐसा असर कि ताजनगरी से गायब हो रहे हैं परिंदे

आगराः आज अगर ‍‍‍कि‍सी इंसान से उसका फोन छीन लि‍या जाये, तो वह इस कदर परेशान हो जाता है, मानो कि‍सी मछली को पानी से नि‍काल ‍दि‍या गया हो, पर आपको यह जानकर हैरानी होगी कि‍ लोगों का यही शौक आगरा में परिंदों के वजूद पर खतरा बनकर मंडरा रहा है। जि‍तनी तेजी से लोगों में मोबाइल का प्रयोग बढ़ रहा है, उतनी ही तेजी से मोबाइल टावर कुकुरमुत्‍ते की तरह जरा जरा सी दूरी पर उगते जा रहे हैं। मोबाइल टावर से नि‍कलने वाले रेडि‍एशन का असर न केवल मानव जीवन के लि‍ए खतरनाक है बल्कि इससे पशु-पक्षियों के अस्तित्‍व को भी खतरे में डाल दि‍या है।

मोबाइल रेडिएशन से होती हैं परेशानि‍यां
शहरी क्षेत्रों में घरेलू पक्षियों की लगातार घटती आबादी की वजह मोबाइल टावरों से नि‍कलने वाला रेडि‍एशन है। पक्षी वि‍शेषज्ञ अनुराग के अनुसार मोबाइल टावर से नि‍कलने वाले इलेक्‍ट्रोमैग्‍नेटि‍क रेडि‍एशन से वि‍द्युत चुम्‍बकीय प्रभाव उत्‍पन्‍न होता है जो कि‍ इंसानों और पक्षियों को कोशि‍कीय और आनुवांशि‍की तौर पर प्रभावि‍त करते हैं।  मोबाइल से नि‍कलने वाली कि‍रणें पक्षियों के दि‍माग पर बुरा असर डालती हैं। इनकी वजह से अक्‍सर पक्षी रास्‍ता तक भटक जाते हैं। एक शोध में पाया गया कि‍ मोबाइल टावर के आसपास से पक्षियों की आवाजाही काफी कम पाई गई। इसका खासा असर आगरा में देखा जा रहा है। वि‍शेषज्ञों का कहना है कि‍ इलेक्‍ट्रोमैग्‍नेटिक रेडि‍एशन से इनकी प्रजनन क्षमता पर भी बुरा असर पड़ता है।

वि‍लुप्‍त होती पक्षियों की प्रजाति‍यां
एक समय था जब रि‍हायशी इलाकों में पक्षियों की चहचहाट गूंजती थी पर जबसे इन टावरों ने पैर पसारने शूरू कि‍ए हैं, तब से पक्षी दूर होते जा रहे हैं। गौरेया, कौवा, मैना, तोता, कबूतर और कोयल जैसे पक्षी धीरे धीरे लापता होते जा रहे हैं। आगरा समेत कई शहरों में अनेक प्रजाति‍यां वि‍लुप्‍त होने की कगार पर पहुंच गई हैं। पि‍छले साल जुलाई में केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्रालय की जारी रि‍पोर्ट के अनुसार बताया गया था कि‍ मोबाइल टावरों से होने वाले रेडि‍एशन का इन पक्षियों पर बुरा असर हो रहा है।

बढ़ रही बांझपन की शि‍कायत
-टावर के नजदीक रहने वाली ‍चि‍डि‍यों के अंडों पर पक्षी वैज्ञा‍नि‍क रजत भार्गव ने अध्‍ययन कि‍या।
-अध्ययन में पता चला कि‍ उनके अंडे ज्‍यादातर क्षति‍ग्रस्‍त हो गए।
-इन तरंगों से पक्षियों का हार्मोनल सिस्टम डि‍सबैलेंस हो रहा है।
-जि‍सके कारण इनकी प्रजनन क्षमता और नर्वस सि‍स्‍टम को नुकसान हो रहा है।
-मोबाइल टावर से होने वाला वि‍करण गर्भाधारण के समय यूटेरस को हानि‍ पहुंचाता है।