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हर बच्चे की पहली दोस्त होती है मां, सिखाती है उसे दुनिया से लड़ना

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Published on 8 May 2016 6:02 AM GMT

हर बच्चे की पहली दोस्त होती है मां, सिखाती है उसे दुनिया से लड़ना
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Priyanka Tiwari Priyanka Tiwari

लखनऊः मां जो प्यार और त्याग की मूरत हैं, जिनके बिना मानव जीवन संभव ही नहीं है। उस मां को भगवान ने फरिस्ते के रूप में धरती पर भेजा ताकि वह उसके द्वारा भेजे गए नन्हें फरिस्ते का ख्याल रख सके। बच्चा जब बड़ा होता है तो सबसे पहले मां ही बुलाता है। मां ही एक बच्चे की पहली दोस्त होती है जो उसे सही गलत का फर्क समझाती है।

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सिखाती है जीवन की कठिनीईयों से लड़ना

मां बच्चों को दुनिया की बुराइयों से ही नहीं बचाती बल्कि उसकी प्रेरणादायक भी होती है। भारत का इतिहास इसका साक्षी है जहां माताओं ने अपनी संतान को महान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शिवाजी की माता जीजाबाई हों या ध्रुव की मां सुनीति सभी ने अपने बच्चों को जीवन की कठिनाईयों से लड़ना सिखाया।

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मां लुटाती है निस्वार्थ प्यार

मां जितना त्याग और समर्पण अपनी संतान के लिए करती है शायद ही कोई इतना करता हो। आज के भौतिकवादी युग में एक मां ही है जो बिना स्वार्थ के अपनी संतान पर प्यार लुटाती रहती है। आदमी उन्हें तवज्जो नहीं देता है जो सिर्फ उनके लिए जिते है। इसी वजह से आज कितनी माताएं अपने बच्चों के होते हुए भी वृद्धाश्रम में जीवन जी रही हैं।

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अपने ही बच्चों के लिए बनी बोझ

कितनों को उनके बच्चे सड़क पर छोड़ जाते हैं क्योंकि उन्हें मां नहीं अपनी स्वतंत्रता चाहिए होती हैं। मां उन्हें बोझ लगने लगती है, जो मां बचपन में उनकी हर गलतियों को नजरअंदाज करती थी। उनकी हर जिद्द पूरी करती थी। वह जब बूढ़ी हुई तो अपने ही बच्चे के लिए बोझ बन गई।

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अपनी पहली दोस्त को भूल गए हैं लोग

इस चकाचौंध भरी दुनिया में व्यक्ति सफलता की राह में इतना आगे बढ़ गया है कि वह अपनी पहली दोस्त यानि मां को भूल गया है। हम मानते हैं कि इस भाग दौड़ भरी लाइफ में व्यक्ति के पास टाइम नहीं है, लेकिन एक दिन तो अपनी मां के नाम कर ही सकते हैं। इस मदर्स डे को आप अपनी मां के साथ मनाइए। उन्हें गिफ्ट दिजिए जैसे वो आपके बचपन में आपके लिए गिफ्ट लाया करती थीं, जिसे देखकर आप खुश हो जाया करते थे। उन्हें भी अच्छा लगेगा, वो भी खुश होंगी और आपको ढेरों प्यार, आशिर्वाद देंगी।

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