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मुस्लिम विधायक कर रहा है शिव भक्त कांवड़ियों की सेवा, कहा- मेरा सौभाग्य

shalini

shaliniBy shalini

Published on 31 July 2016 7:46 AM GMT

मुस्लिम विधायक कर रहा है शिव भक्त कांवड़ियों की सेवा, कहा- मेरा सौभाग्य
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मुरादाबाद: सावन की शुरुआत के साथ ही सड़कों पर बोल बम के नारों के साथ कांवड़ियों का हुजूम देखने को मिल रहा है। कांवड़ियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन भी खासा बेचैन रहती है। बीते कुछ सालों में कांवड़ यात्रा के दौरान हुई घटनाओं से प्रशासन ज्यादा सतर्क है। कुछ लोग इस दौरान सांप्रदायिक साजिश रचने का प्रयास भी करते हैं। लेकिन मुरादाबाद की सड़कों पर एक अलग नजारा देखने को मिल रहा है। यहां एक मुस्मिल विधायक खुद भोले के भक्तों की सेवा में लगे हुए हैं।

सेवा को धर्म से न जोड़ा जाए

हाल ही में उपचुनाव के बाद बिलारी सीट पर विधायक बने मोहम्मद फहीम आजकल कांवड़ियों की सेवा में व्यस्त हैं। उनका कहना है कि मेरा सौभाग्य है कि मुझे भोले की सेवा करने का मौका मिल रहा है। उनका कहना है कि जब कांवड़िए इतनी दूर से पैदल चलकर गंगा जल ला सकते हैं तो क्या हम उनकी सेवा नहीं कर सकते? इतनी दूर पैदल यात्रा कर जल लाना ही कांवड़ियों की शिव भक्ति का सबूत है।

उन्होंने कहा कि हम हर त्यौहार मिल-जुल कर मनाते आए हैं, हम हिंदू या मुस्लमान देखकर सेवा नहीं करते हैं और इसे धर्म से जोड़ना भी गलत है। इसमें सभी को आगे बढ़कर सहयोग करना चाहिए। यही नहीं विधायक फहीम ने स्थानीय अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि किसी भी कांवड़िए को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।

faheem moradabad

विधायक रहते पिता की हुई थी एक्सिडेंट में मौत

जो विधायक कांवड़ियों की सेवा में लगे हैं, उनके पिता विधायक इरफ़ान की सड़क हादसे में मौत हुई थी। वह मंत्री शिवपाल यादव के बेटे की शादी में जा रहे थे। उस वाहन में फहीम भी बैठे थे। जिसमें 4 लोगों की मौत हुई थी।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा- हिंदू वोट लुभाने के लिए कर रहे ऐसा

एक तरफ जहां फहीम निस्वार्थ सेवा की बात कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ वहीं राजनीति गलियारों में चर्चा है कि वह सब कुछ वोट बैंक के लिए कर रहे हैं। दरअसल हाल ही में उपचुनाव में विधायक बने फहीम बहुत मामूली अंतर से चुनाव जीते थे। ऐसे में अगर वह हिंदुओं को नहीं लुभाएंगे तो अगले चुनावों में उनको इसका खामियाजा चुकाना पड़ सकता है।

इस सीट पर पहले फहीम के पिता ही विधायक थे लेकिन उनका निधन होने के बाद फहीम को विधायक चुना गया। देखने वाली बात होगी कि क्या उनको इस सेवा का प्रसाद वोट के रूप में मिलेगा या नहीं?

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