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Photos: नवाबी शहर में अजादारों ने किया दहकते अंगारों पर मातम

इमामबाड़ा आगा बाकर में मौलाना मीसम जैदी ने इमाम हुसैन के 6 महीने के मासूम बेटे की शहादत को बयान किया। उन्होंने कहा कि यजीद की फौज ने इमाम के 6 महीने के बेटे को भी नहीं बख्शा था। हुरमुला ने जिस तीर से हाथियों को शिकार किया जाता है। उस तीर से इमाम हुसैन के 6 महीने के बेटे को शहीद किया था। इसे सुनने के बाद अजादारों की आंखों में आंसू आ गए।

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priyankajoshiBy priyankajoshi

Published on 8 Oct 2016 6:38 AM GMT

Photos: नवाबी शहर में अजादारों ने किया दहकते अंगारों पर मातम
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लखनऊ:या हुसैन की सदाओं के बीच युवाओं के साथ बुजुर्ग और बच्चों ने इमामबाड़ा शाहनजफ में आग पर मातम कर इमाम हुसैन को पुरसा दिया.इससे पहले हुई मजलिस को मौलाना फरीदुल हसन ने खिताब किया। मौलाना ने जब कर्बला के मैदान में इमाम हुसैन पर हुए जुल्मों का जिक्र किया तो अजादारों की आंखों में आंसू आ गए।

इससे पहले सुबह इमामबाड़ा जन्नतमाब तकी साहब चौक में खिताब करते हुए मौलाना सैफ अब्बास ने कहा कि इंसान सिर्फ और सिर्फ दूसरों के बारे में सोच रहा है अगर वो अपने बारे में न सोचकर सिर्फ खुद के बारे में सोचे तो उसकी सारी तमन्ना खुद बा खुद पूरी हो जाएगी। और उसकी ज़िन्दगी में आने वाली तमाम मुश्किलें हल हो जाएँगी।

इमामबाड़ा आगा बाकर में मौलाना मीसम जैदी ने इमाम हुसैन के 6 महीने के मासूम बेटे की शहादत को बयान किया। उन्होंने कहा कि यजीद की फौज ने इमाम के 6 महीने के बेटे को भी नहीं बख्शा था। हुरमुला ने जिस तीर से हाथियों को शिकार किया जाता है। उस तीर से इमाम हुसैन के 6 महीने के बेटे को शहीद किया था। इसे सुनने के बाद अजादारों की आंखों में आंसू आ गए।

आगे की स्लाइड्स में देखिए आग पर मातम की कुछ और फोटोज ...

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इन्होंने पत्रकारीय जीवन की शुरुआत नई दिल्ली में एनडीटीवी से की। इसके अलावा हिंदुस्तान लखनऊ में भी इटर्नशिप किया। वर्तमान में वेब पोर्टल न्यूज़ ट्रैक में दो साल से उप संपादक के पद पर कार्यरत है।

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