Top

हर गरीब की आस बनी ये नेकी की दीवार, कर रही जरूरतमंदों की मदद

By

Published on 8 Oct 2016 4:39 AM GMT

हर गरीब की आस बनी ये नेकी की दीवार, कर रही जरूरतमंदों की मदद
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

wall-of-neki1

वाराणसीः धर्म नगरी काशी में इन दिनों एक ऐसी दीवार खड़ी हुई है जहां जाने पर जात-पात, धर्म, अमीरी गरीबी सब खत्म हो जा रही है। यह नेकी की दीवार वो काम कर रही है जिसे हम सब सोचते तो है लेकिन करते नहीं। इस दीवार को "नेकी की दीवार" नाम दिया गया है। हम आपको बताएंगे कि क्या है ये नेकी की दीवार और कैसे इस दीवार के पास लोगों को मदद मिल रही है।

आगे की स्लाइड में पढ़ें क्या करती है ये नेकी की दीवार...

wall-of-neki7

गरीबों को बांट रही मुफ्त में कपड़े

दरअसल ये नेकी की दीवार समाज के उन दो तबको को जोड़ रही है जिसे हम अमीर और गरीब के नाम से जानते हैं। पीएम मोदी के संसदीय कार्यालय के कुछ ही कदमों के फासले पर लोहे के जालियों से बना ये दीवार काशी में इन दिनों नेकी के दीवार के नाम से जाना जा रहा है। जो पिछले कुछ दिनों से समाज में रह रहे उन गरीब नागरिकों को कपड़े पहना रहा है जो दो वक्त की रोटी का जुगाड़ कर ले रहे है लेकिन शरीर को ढकने के लिए कपड़े नहीं जुटा पा रहे है। ये दीवार उन गरीबो को मुफ्त में कपड़े, खिलौने, जूते, बर्तन और जरूरत के सामान गरीबो को मुहइया करवा रही है।

आगे की स्लाइड में पढ़ें कैसे बनीं ये नेकी की दीवार..

wall-of-neki

स्वयं सेवी संस्था ने बनाई नेकी की दीवार

एक स्वयं सेवी संस्था द्वारा बना हुआ ये नेकी का दीवार, समाज में उनके सहयोग से चलाया जा रहा हैं जिनके पास पुराने कपड़े, बर्तन, जूता और बाकी घरेलु सामान पुराने हो जाने पर फेंक दिए जाते है। ये संस्था उन्हीं लोगों द्वारा ये पुराने समान को जूटा कर इस नेकी के दिवार के जरिए उन गरीबों तक पहुंचा रही हैं जो बिना कपड़े के अपनी दिन रात बिता देते है।

आगे की स्लाइड में पढ़ें क्या कहते हैं इसके अध्यक्ष...

wall-of-neki6

नेकी की दिवार के संयोजक मनमोहन अग्रवाल?

दरअसल इस संस्था के अध्यक्ष द्वारा ये विचार राजस्थान से लाई गई है। उन्होंने बताया कि वहां इसी तरह सड़क के किनारे लोहे का एक जाली बनाकर उसके अंदर पुराने कपड़े रखे जाते है जहां हर जरूरतमंद व्यक्ति आकर अपने काम की चीजें लेकर मुफ्त में जा सकता है। उसी तर्ज पर वाराणसी में भी इस योजाना को उसी नाम से खोला गया है।

wall-of-neki3

लेने से ज्यादा हैं देने वाले

अभी कुछ दिन ही बीते है इस नेकी के दीवार को खुले हुए और यहां लेने वालों से अधिक देने वालों की भीड़ इकट्ठा हो रही है। जो अपने पुराने कपडे, बर्तन, जूता लेकर यहां दे रहे है ताकि जरूरतमंद लोग अपने मतलब के सामान यहां से ले जा सके। तो वही वाराणसी में गरीब या जरूरतमंद लोग यहां आकर अपने लिए कपड़े, बर्तन और बच्चों के खिलौने लेके जा रहे हैं।

आगे की स्लाइड में पढ़ें कैसे कमा रहे हैं लोग नेकी...

wall-of-neki4

आप भी कमा सकते हैं नेकी

इस नेकी की दीवार के कारण वाराणसी में उन लोगों को काफी आराम हो गया हैं जो अपने पुराने सामान फेंक देते थे। अब उन्हें एक ऐसा स्थान मिल गया है जहां उनके पुराने सामान उपयोग में आ रहे है। यहां जो जरुरत मंद सामान ले के जा रहा हैं वो दुआ दे रहा है और जो पुराने सामान देने आ रहा हैं वो नेकी कमा रहा है। शायद इसी लिए इस कैम्प का नाम नेकी को दीवार रखा गया है। अगर आप भी वाराणसी या उसके आस पास रहते है तो अपने पुराने सामान आपको फेंकने की जरुरत नहीं है। आप यहां आकर नेकी कमा सकते है ।

wall-of-neki5

Next Story