Top

चार साल में रेल यात्रियों से जबरन वसूली को लेकर 73,000 से अधिक ट्रांसजेंडर गिरफ्तार

रेल मंत्रालय ने आरटीआई के तहत पूछे गये एक सवाल के जबाव में कहा है कि पिछले चार वर्षों में रेल यात्रियों से जबरन पैसे वसूली को लेकर 73,000 से अधिक, यानि हर दिन औसतन 50 ट्रांसजेंडरों को गिरफ्तार किया गया। सिर्फ पिछले साल ही 20,000 से ज्यादा ट्रांसजेंडरों को गिरफ्तार किया गया।

Aditya Mishra

Aditya MishraBy Aditya Mishra

Published on 25 April 2019 2:02 PM GMT

चार साल में रेल यात्रियों से जबरन वसूली को लेकर 73,000 से अधिक ट्रांसजेंडर गिरफ्तार
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

नई दिल्ली: रेल मंत्रालय ने आरटीआई के तहत पूछे गये एक सवाल के जबाव में कहा है कि पिछले चार वर्षों में रेल यात्रियों से जबरन पैसे वसूली को लेकर 73,000 से अधिक, यानि हर दिन औसतन 50 ट्रांसजेंडरों को गिरफ्तार किया गया। सिर्फ पिछले साल ही 20,000 से ज्यादा ट्रांसजेंडरों को गिरफ्तार किया गया।

ये भी पढ़ें...घाटे की भरपाई के लिए रेल किराये में वृद्धि की जाए : संसदीय समिति

अधिकारियों ने कहा कि यात्री अक्सर चलती ट्रेनों में ट्रांसजेंडरों द्वारा परेशान किये जाने और जबरन पैसे वसूली करने को लेकर शिकायत करते हैं। ट्रांसजेंडरों को पैसे देने से मना करने की नौबत में शारीरिक उत्पीड़न का भी मामला सामने आया है।

उन्होंने बताया कि रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ऐसी घटनाओं की जाँच के लिए नियमित रूप से विशेष अभियान चला रहा है। आरटीआई के तहत पूछे गये सवाल के जवाब में, रेल मंत्रालय ने कहा कि 2015 से इस साल जनवरी तक यात्रियों से पैसे की उगाही करने के आरोप में कुल 73,837 ट्रांसजेंडर गिरफ्तार किए गए।

ये भी पढ़ें...रेलवे ने 91 किलोमीटर लंबी रेलमार्ग का प्रारंभिक सर्वे किया पूरा, यहां बिछेगी की दूसरी रेल लाइन

इसमें कहा गया कि 2015 में कुल 13,546, 2016 में 19,800, 2017 में 18,526 और 2018 में 20,566 ट्रांसजेंडर गिरफ्तार किए गए।मंत्रालय ने कहा कि इस साल जनवरी में 1,399 ट्रांसजेंडर गिरफ्तार किए गए।

रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था का मामला राज्य के अंतर्गत आने के नाते, चलती रेलगाड़ियों के साथ-साथ रेलवे परिसर में अपराध की रोकथाम, मामलों को दर्ज करना, उनकी जांच और कानून-व्यवस्था बनाए रखना राज्य सरकारों की वैधानिक जिम्मेदारी हैं, जिनका वे राजकीय रेल पुलिस (जीआरपी) के माध्यम से पूरा करते हैं।

भारतीय रेलवे दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है, जो लगभग 65,000 किलोमीटर को कवर करता है, जिसके अंतर्गत 8,000 से अधिक स्टेशन आते हैं और हर दिन करीब 19,000 रेलगाड़ियां चलती हैं।

ये भी पढ़ें...चार धाम रेल परियोजना को लेकर रेल मंत्रालय का बयान, 13 मई से शुरू होगा अंतिम सर्वे

Aditya Mishra

Aditya Mishra

Next Story