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कैसे पूरा होगा PM का स्वच्छ भारत का सपना, जब सफाई के लिए झाड़ू तक नहीं

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Published on 9 Sep 2017 7:55 AM GMT

कैसे पूरा होगा PM का स्वच्छ भारत का सपना, जब सफाई के लिए झाड़ू तक नहीं
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शाहजहांपुर: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया स्वच्छ भारत अभियान जो पूरे देश की जनता ने इस अभियान की तारीफ की थी, तो वहीं प्रदेश मे बीजेपी सरकार आते ही योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री बनते ही उन्होंने इस अभियान को आगे बढ़ाया। लेकिन योगी के ही अधिकारी इस स्वच्छ भारत अभियान को पलीता लगाने में कोई कोर कसर बाकी नहीं रख रहे हैं।

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ताजा मामला यूपी का है, जहां के एक गांव में पिछले एक महीने से सफाईकर्मी को झाड़ू नहीं मिली है, जिससे वह गांव में सफाई कर सके। खास बात ये है कि कूड़ा उठाने में इस्तेमाल होने वाली ठेली भी पिछले एक महीने से खराब पड़ी है। आलम ये है कि गांव में जगह जगह कूड़े का ढेर लगने लगा है। वहीं जब सफाईकर्मी ने ग्राम पंचायत अधिकारी से इसकी शिकायत की, तो चौंकाने वाला जवाब मिला। उनका कहना है कि हमें पांच महीने से सैलरी नहीं मिली है, तुम अपनी सैलरी से लेकर आओ। ऐसे में सवाल उठता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वच्छ भारत अभियान का सपना कैसे पूरा होगा?

कहां का है मामला

ब्लॉक जैतीपुर के ग्राम रपडिया में पिछले तीन महीने से सफाई कर्मचारी रक्षपाल के पास झाङू नहीं है। जिससे वह गांव में फैली गंदगी को साफ कर सके। सफाई कर्मचारी ने एक ऐसी जुगाड़ की, जिससे उसने झाङू बनाई और गांव में सफाई करना शुरू कर दी है। दरअसल सफाई कर्मचारी ने सरसों की लकड़ी इकट्ठा की और उसको रस्सी से बांध लिया और बना दी झाङू। पिछले एक माह से ये सफाई कर्मचारी ऐसी झाङू से सफाई लगा रहा है।

झाङू लगाने के बाद इकट्ठा की गई गंदगी और कूङे को कहां ले जाएं, तो सफाई कर्मचारी ने बताया कि पिछले एक महीने से कूड़ा उठाने वाली ठेली खराब पङी है, जिससे की कूड़ा नहीं उठा पा रहे हैं और रोज सफाई लगाने के बाद कूड़ा जहां का तहां छोड़कर जाना पड़ता है। उसका कहना है कि हमने कई बार पर प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी से लेकर ब्लॉक तक पर शिकायत की लेकिन उसकी कहीं सुनवाई नहीं हुई।

आगे की स्लाइड में पढ़ें पूरी खबर

क्या बोले ग्राम पंचायत अधिकारी

हद तो तब हो गई जब सफाई कर्मचारी रक्षपाल ने ग्राम पंचायत अधिकारी प्रमोद गंगवार से फोन पर झाङू और ठेली दिलाने की बात की तो ग्राम पंचायत ने ऐसा जवाब दिया, जिसे सुनकर आप यही कहेंगे कि प्रधानमंत्री का स्वच्छ भारत अभियान का सपना कैसे पूरा होगा? जब सफाई कर्मचारी ने फोन पर बात की तो उसने उस बातचीत को रिकॉर्ड भी कर लिया। फोन लगाते ही सफाई कर्मचारी ने कहा- सर, मैं रक्षपाल, ग्राम रपडिया ब्लॉक जैतीपुर से बोल रहा हूं। हमने प्रधान जी से कई बार ठेली सही कराने के लिए कहा लेकिन प्रधान ठेली सही नहीं करा रहे हैं।

उसके बाद ग्राम पंचायत अधिकारी प्रमोद गंगवार ने कहा कि हमे पिछले पांच महीने से सैलरी नहीं मिली है, अगर सैलरी मिली होती तो हम हम दिलवा देते। क्या तुम्हें सैलरी नहीं मिली, सफाई कर्मचारी ने कहा कि साहब दो दिन पहले ही सैलरी आई है उस पर ग्राम पंचायत अधिकारी ने कहा कि उसी में से लेकर आओ। प्रधान थोड़ी न तुमको झाङू दिलाएगा। इसके बाद फोन कट गया।

सफाई कर्मचारी ने कहा कि रोज गलियों में वह सफाई लगाता है। लेकिन ठेली न होने के कारण मिट्टी दोबारा नालियों में जाती है। गांव वाले सफाई को लेकर हमसे नाराजगी दिखाते हैं। ऐसे में हम कैसे सफाई लगा सकते हैं। फिलहाल देखना ये होगा कि ये सफाई कर्मचारी कब तक इस तरह से सरसों की लकड़ी से गांव मे झाङू लगाता है और कब ठेली ठीक होकर आएगी और गांव का कूड़ा और गंदगी गांव से बाहर जाएगी? या फिर इस सफाई कर्मचारी को अपनी सैलरी से सफाई करने की पूरी किट खरीदना पड़ेगी?

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