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दीवाली में नोटों और गहनों से चमकेगा यह मंदिर, भक्तों को प्रसादी के रूप में बंटेंगे गहने

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Published on 27 Oct 2016 6:07 AM GMT

दीवाली में नोटों और गहनों से चमकेगा यह मंदिर, भक्तों को प्रसादी के रूप में बंटेंगे गहने
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मध्य प्रदेश: हर कोई भगवान के मंदिर उनसे मनौती मांगने जाता है। कोई पैसे मांगता है, तो कोई नौकरी। पर आप जरा सोचिए कि आप किसी मंदिर जाएं और वहां आपको रूपए ही रूपए दिखाई दें, तो आपका क्या रिएक्शन होगा? जी हां, दीवाली के आते ही एमपी के रतलाम का प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर बेशकीमती जेवरों, गहनों और लाखों नोटों से सजना शुरू हो गया है। दीवाली में इस मंदिर के द्वार पर देवी लक्ष्मी के स्वागत के लिए 500 रुपए के नोटों से खास तरह का बंदनवार सजाया जाने लगा है। इस बार तो मंदिर की सजावट और भी ख़ास तरीके से की गई है क्योंकि इस बार देवी लक्ष्मी के इस मंदिर में चांदी के पांच हाथी भी सजाए गए हैं।

आगे की स्लाइड में जानिए इस मंदिर की ख़ास बातें

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धन की देवी महालक्ष्मी का यह मंदिर मध्य प्रदेश के माणकचौक में स्थित है। खास बात तो यह है कि दीवाली में मंदिर की सजावट के लिए भक्तों ने अभी से जेवर और नकदी भेंट करना शुरू कर दी है। लोगों के द्वारा दिए हुए इन गहनों से दीवाली से पहले तीन दिनों तक महालक्ष्मी का श्रृंगार किया जाएगा और मंदिर की खूबसूरती में चार चांद लगेंगे।

आगे की स्लाइड में जानिए पूजन के बाद गहनों का

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देवी मां की सजावट के लिए ये गहने दिवाली के दिन ये सभी आभूषण और नगद भक्तों को वापस कर दिए जाएंगे।

आगे की स्लाइड में जानिए कितने रुपए के नोटों से सजाया जाता है मंदिर

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महालक्ष्मी के स्वागत के लिए इकट्ठे किए गए इस धन के 10 से 500 रूपए तक के सभी नोटों को मंदिर के अंंदर से लेकर बाहर तक सभी जगह सजाया जाता है। खासकर बंदनवार के तौर पर प्रयोग किए जाते हैं।

आगे की स्लाइड में जानिए इतने धन से मंदिर सजाने का कारण

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बता दें कि रतलाम के महालक्ष्मी मंदिर में कई सालों से गहने और राशि चढ़ाने की परंपरा रही है। इतना ही नहीं भक्तों के द्वारा चढ़ाई गई इस भेंट को बाकायदा रजिस्टर में नाम के साथ नोट भी किया जाता है। जिसके बाद दिवाली के दिन रजिस्टर में चढ़े हुए रिकॉर्ड के ही आधार पर भक्तों को सबकुछ प्रसादी के रूप में लौटा दिया जाता है।

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