Top

सपा का सेवक: जब गले मिले अखिलेश-शिवपाल, तो इस कार्यकर्ता ने हवन में डाली आखिरी आहुति  

aman

amanBy aman

Published on 5 Nov 2016 3:37 PM GMT

सपा का सेवक: जब गले मिले अखिलेश-शिवपाल, तो इस कार्यकर्ता ने हवन में डाली आखिरी आहुति  
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

सपा का सेवक: जब गले मिले अखिलेश-शिवपाल, तो इस कार्यकर्ता ने हवन में डाली आखिरी आहुति

बाराबंकी: मुलायम सिंह यादव लगातार कहते रहे हैं कि समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यकर्ताओं की पार्टी है। इसकी बानगी शनिवार को बाराबंकी में तब देखने को मिली, जब जिले के सभी पार्टी पदाधिकारी राजधानी में रजत जयंती का उत्सव मना रहे थे।

थोड़ी अलग थी ये पूजा

मगर पार्टी का एक पदाधिकारी समाजवादी परिवार की गृहशांति पूजा में लीन होकर भगवान से अखिलेश यादव और शिवपाल यादव के मिलन की प्रार्थना कर रहा था। यह समाजवादी का सिपाही पिछले दस दिनों से अनवरत पूजा में लीन होकर अनुष्ठान कर रहा था। यह तब तक अपने अनुष्ठान से नहीं उठा जब तक उसके कानों में शिवपाल और अखिलेश यादव के एक हो जाने की खबर नहीं आई।

सपा में मचे घमासान से था आहत

यह कार्यकर्ता समाजवादी पार्टी की इकाई मुलायम सिंह यादव यूथ ब्रिगेड का जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष पवन मिश्र है। पवन सपा में पिछले कई दिनों से चले आ रहे घमासान से काफी आहत था। इसे ठीक करने लिए जब सभी समाजवादी नेताओं के प्रयास विफल हो गए तो इस कार्यकर्ता ने भगवान की शरण में जाना ही उचित समझा।

आगे की स्लाइड में पढ़ें कैसे पवन मिश्र की भगवान ने सुन ली ...

pawan-mishra-1

10 दिन तक चली समाजवादी गृह शांति पूजा

दस दिन पूर्व समाजवादी पार्टी का यह सिपाही बाराबंकी के एक हनुमान मंदिर में वहां के पुजारी के साथ 'समाजवादी गृह शांति पूजा' में लीन हो गया और तब तक पूजा से नहीं उठा जब तक उसके कानों में शिवपाल और अखिलेश यादव के एक होने की खबर नहीं सुन ली।

मिलन की खबर के बाद की पूर्णाहुति

मंदिर के पुजारी पंडित श्याम मोहन त्रिपाठी की मानें तो वह इस कार्यकर्ता के अनुरोध पर पिछले दस दिनों से समाजवादी गृह शांति पूजा करवा रहे हैं। आज समाजवादी पार्टी के जब सभी कार्यकर्ता रजत जयंती का उत्सव मनाने के लिए राजधानी गए हुए थे तब भी यह कार्यकर्ता हमारे साथ पूजा में लीन था। अब जब यह खबर आ गई कि चाचा-भतीजा एक हो गए हैं तो आज इसकी पूर्णाहुति की।

आगे की स्लाइड में पढ़ें क्या कहना है इस समर्पित कार्यकर्ता का ...

pawan-mishra-2

आखिरकार भगवान ने सुन ली

समाजवादी नेता पवन मिश्र ने बताया कि वह मंदिर के पुजारी के साथ पिछले दस दिनों से अपने घर के एक कमरे में बगैर किसी को बताए समाजवादी गृह शांति की पूजा कर रहा था। आज जब रजत जयंती के दिन सुबह से बगैर कुछ खाए-पिए मंदिर के अंदर पूजा पर इस आशा के साथ बैठ गया कि आज सब ठीक हो जायेगा और आखिरकार भगवान् ने उसकी सुन ली।

भगवान को दिया धन्यवाद

पवन मिश्र ने बताया कि 'पहली ख़ुशी की खबर उन्हें तब मिली जब समाजवादी विकास रथ यात्रा कार्यक्रम में पूरा परिवार एक मंच पर दिखाई दिया। मगर रजत जयंती कार्यक्रम में कहीं कोई गड़बड़ न हो जाए, इसके लिए उसने अपना अनुष्ठान जारी रखा। जब रजत जयंती कार्यक्रम के मंच पर सब कुछ सामान्य हो गया और अखिलेश ने शिवपाल यादव का आशीर्वाद पा लिया तो ऐसी शुभ खबर पर वह अपना व्रत तोड़ रहा है और भगवन को कोटि -कोटि धन्यवाद देता है।'

aman

aman

अमन कुमार, सात सालों से पत्रकारिता कर रहे हैं। New Delhi Ymca में जर्नलिज्म की पढ़ाई के दौरान ही ये 'कृषि जागरण' पत्रिका से जुड़े। इस दौरान इनके कई लेख राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और कृषि से जुड़े मुद्दों पर छप चुके हैं। बाद में ये आकाशवाणी दिल्ली से जुड़े। इस दौरान ये फीचर यूनिट का हिस्सा बने और कई रेडियो फीचर पर टीम वर्क किया। फिर इन्होंने नई पारी की शुरुआत 'इंडिया न्यूज़' ग्रुप से की। यहां इन्होंने दैनिक समाचार पत्र 'आज समाज' के लिए हरियाणा, दिल्ली और जनरल डेस्क पर काम किया। इस दौरान इनके कई व्यंग्यात्मक लेख संपादकीय पन्ने पर छपते रहे। करीब दो सालों से वेब पोर्टल से जुड़े हैं।

Next Story