पढ़ाई में नहीं लगता था सुब्रत रॉय का मन, 20-20 रुपए से ऐसे कमाए अरबों

Published by Admin Published: March 29, 2016 | 7:17 pm
Modified: March 29, 2016 | 7:56 pm

कई देशों में फैला है सहारा का कारोबार

लखनऊः पढ़ाई में कमजोर सुब्रत रॉय का मन पढ़ने से ज्यादा बिजनेस करने में लगता था। एक छोटे से शहर से बिजनेस शुरू करने वाले सुब्रत ने 34 साल में दुनिया भर  में अपना कारोबार फैला लिया। जब वे घर से निकले थे तो उनके पास केवल 2000 रुपये ही थे, लेकिन आज वो 2 लाख करोड़ से भी ज्यादा के ग्रुप के मालिक हैं।

गोरखपुर के एक छोट से शहर से सुब्रत कैसे इतने बड़े पायदान पर पहुंच गए। आइए जानते हैं गोरखपुर से लेकर 2 लाख करोड़ रुपये के मालिक बनने तक सहारा की पूरी कहानी।

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गोरखपुर से शुरू किया पहला कारोबार
सुब्रत रॉय सहारा का जन्म 10 जून, 1948 को बिहार के अररिया जिले में हुआ था। उनके पिता का नाम सुधीर चंद्र रॉय और माता का नाम छवि रॉय था। कोलकाता में शुरुआती शिक्षा-दीक्षा लेने के बाद उन्होंने गोरखपुर यूनिवर्सिटी से एमएससी किया। सहारा श्री ने अपना पहला कारोबार गोरखपुर से ही शुरू किया था।

स्कूटर से शुरू किया था सफर
बंगाली मूल के सहारा प्रमुख सुब्रत राय खुद को सहारा श्री कहलाना पसंद करते हैं। 1978 में 2000 रुपये से शुरू किया गया उनका बिजनेस आज हजारों करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उनके पुराने जानने वाले कहते हैं कि उन्होंने एक स्कूटर के साथ अपना सफर शुरू किया था। तब दिन में 100 रुपये कमाने वाले लोग उनके पास 20 रुपये जमा कर जाते थे।

खुद को मानते हैं आशावादी
बॉलीवुड स्टार अमिताभ बच्चन से उनकी दोस्ती बिग बी के बुरे समय में हुई थी। तब उन्होंने बिग बी की मदद भी की थी। वह कहते हैं कि उन्हें अपने पिता से ऐसी शिक्षा मिली है। लगातार सफलता के अपने सफर में सुब्रत रॉय कई बार विवादों में भी आए। सुब्रत ईश्वर और किस्मत में गहरी आस्था रखते हैं। वे अपनी सफलता का श्रेय अपनी मेहनत के अलावा ईश्वर की कृपा और अपनी अच्छी किस्मत को भी देते हैं। वह अपने आप को आशावादी भी मानते हैं।

दूसरों का भला कर ही लोग बढ़ते हैं आगे
सहारा प्रमुख अपने बचपन में सेना में जाना चाहते थे। वह सेना की भर्ती में भी गए थे, बस भर्ती नहीं हुए। सेना की वर्दी से उन्हें इतना लगाव है कि स्कूली दिनों में वह एनसीसी कैडेट भी रहे हैं। सुब्रत के मुताबिक जो आदमी सिर्फ अपने भले के लिए काम करेगा, वह आगे नहीं बढ़ सकता है। अपने साथ ही दूसरों का भी भला करने की चाहत ही लोगों को आगे बढ़ाती है।

पत्नी के साथ सुब्रत रॉय
पत्नी के साथ सुब्रत रॉय

6 साल तक चला था अफेयर
पढ़ने-लिखने में कमजोर रहे सहारा प्रमुख ने स्वप्ना रॉय से प्रेम विवाह किया है। इस यूनिवर्सिटी टॉपर पर उनका दिल आ गया था। दोनों का अफेयर करीब छह साल तक चला था। उनकी पत्नी ने उनकी अंग्रेजी सुधारने में भी मदद की है।

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