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बारिश से ढही मंत्री जी के कच्चे घर की दीवार, सरकारी मदद तक नहीं ली

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Published on 13 Aug 2016 9:58 PM GMT

बारिश से ढही मंत्री जी के कच्चे घर की दीवार, सरकारी मदद तक नहीं ली
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बहराइचः मंत्री होने का मतलब ये होता है कि सरकारी तंत्र आपके आगे-पीछे घूमता रहे, लेकिन यूपी सरकार में समाज कल्याण राज्य मंत्री बंशीधर बौद्ध अलग ही किस्म के मंत्री हैं। अपनी सादगी के लिए पहचाने जाने वाले बंशीधर के कच्चे मकान की दीवार शनिवार को बारिश की वजह से ढह गई। बंशीधर ने इस पर सरकारी अमले को तलब नहीं किया। घरवालों के साथ उन्होंने खुद मलबा हटाया। खास बात ये कि घटना की जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय राजस्वकर्मी मौके पर पहुंचे, लेकिन बंशीधर बौद्ध ने सरकारी मदद लेने से इनकार कर दिया।

मंत्री घर पर पानी निकालने के लिए नाली बनाते बंशीधर बौद्ध

दीवार ढहते वक्त घर पर थे बंशीधर

बंशीधर बौद्ध गुरुवार को ही लखनऊ से नई बस्ती टेड़िया गांव के अपने घर पर लौटे थे। ये गांव कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र में पड़ता है। शनिवार को वह परिवार के साथ बैठे थे। झमाझम बारिश हो रही थी। बारिश की वजह से अचानक दीवार ढह गई और गृहस्थी का कुछ सामान और अनाज मलबे में दब गया।

mla decline compensation

बारिश कम होने पर मंत्री ने पत्नी लज्जावती, बेटे अवन, दीपक और समर के साथ मिलकर खुद ही मलबा हटाया और सारा सामान निकाला। फिर घर में घुसे पानी को निकालने के लिए फावड़े से खुद ही नाली बनाई। मंत्री के मुताबिक करीब 1 लाख रुपए का नुकसान हुआ है।

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मुआवजे से इनकार

मीडिया में मामला आते ही शासन ने जिला प्रशासन से पूरे मामले में जवाब तलब किया। इस पर जिलाधिकारी अभय कुमार के निर्देश पर उनके प्रतिनिधि के रूप में उपजिलाधिकारी नानपारा अमिताभ यादव रविवार सुबह अमले के साथ गांव पहुंचे। उन्होंने राज्यमंत्री के ढहे मकान का मुआयना करने के बाद फोटोग्राफी करवाई। फिर मुआवजे की पेशकश की। लेकिन राज्यमंत्री बंशीधर बौद्ध ने मुआवजा लेने से इंकार कर दिया।

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उन्होंने कहा कि जो मुआवजा हमें देना है, उसे वर्षा के दौरान जिन ग्रामीणों का नुकसान हुआ है उन्हें प्रदान कर दीजिए। इस पर वार्ता के बाद एसडीएम बैरंग लौट आए। बता दें, कि दैवीय आपदा मसलन बारिश, भूकंप वगैरा से नुकसान होने पर पीड़ित को सरकार से मुआवजा मिलता है।

मंत्री खेती करते बंशीधर बौद्ध की फाइल फोटो

सादगी की हमेशा होती है चर्चा

बंशीधर को यूपी कैबिनेट में जब जगह मिली थी, तब उनकी सादगी चर्चा में आई थी। बंशीधर के पास न तो कोई गाड़ी है, न बैंक बैलेंस और न ही ज्यादा बड़ा खेत ही उनके पास है। वह कई साल पहले बलिया से रोजगार की तलाश में बहराइच आए थे। साल 2000 और 2005 में लगातार दो बार जिला पंचायत सदस्य चुने गए थे। 2014 में विधायक चुने जाने के बाद एक साथ दो बेटियों की शादी बंशीधर ने की थी। उस समारोह में सीएम अखिलेश भी आए थे।

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