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बाबा ये बवाली है, सवर्णों का मसीहा बनने का पाल रहा सपना

Rishi

RishiBy Rishi

Published on 11 Sep 2018 12:17 PM GMT

बाबा ये बवाली है, सवर्णों का मसीहा बनने का पाल रहा सपना
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लखनऊ : इंडिया की मार्केट में बाबा न हों ऐसा हो नहीं सकता। दो जाते हैं तो दो और सामने आ जाते हैं। जिसे देखो ईश्वर न सही ईश्वर जैसा बने रहने का ठेका लिए टीवी पर दर्शन देता रहता है। आज हम शांति दूत देवकी नंदन ठाकुर के बारे में बात करेंगे। बाबा बड़े क्रोधित हैं हाथ में जल लिए अपने मोदी चचा को शाप देने के लिए कतई तैयार खड़े हैं।

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पहले जान लेते हैं बाबा ने किया क्या है

शांतिदूत देवकी नंदन ठाकुर ने 4 सितंबर को ग्वालियर मध्यप्रदेश में बिल्कुल साऊथ के हीरो के माफिक बोल डाला। दो महीने का समय हमने लिया है। अगर हमें हल मिल गया तो हम कुछ नहीं करेंगे और अगर हल नहीं मिला तो वो करेंगे, जो आज तक भारत के इतिहास में कभी हुआ ही नहीं है।

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मतलब बाबा बवाल करवाएगा उसके बाद मसीहा बन जाएगा

बाबा जी की एक वेबसाइट भी है। उसके मुताबिक उनका हैप्पी वाला बड्डे कल यानि की 12 सितंबर को है। वैसे वो पैदा 1978 में हुए मथुरा के ओहावा गांव में। 6 साल के थे तबसे कृष्ण लीला में कृष्ण और रामलीला में राम बनते आ रहे हैं। दावा ठोका जा रहा है कि सिर्फ 13 साल की उम्र में उन्हें भागवत याद हो गई थी। अमा सच कहें तब तो हमें 20 तक पहाड़े भी याद नहीं थे। अपने शांति दूत इतने में ही नहीं रुके थे। 18 की उम्र में उन्होंने कथा बाचनी भी शुरू कर दी थी।

टीवी पर सास बहु और साजिश से परेशान हैं बाबा की कथा सुना करिए

धार्मिक चैनलों में आने वाली बाबा की कथा भी गजब होती है। बोले तो झकास। उसमें किस्से, कहानियां, चुटकुले के साथ गाने भी होते हैं।

अब बाबा प्रवचन से उबने लगे हैं

6 सितंबर को सवर्णों ने भारत बंद किया। ये तो सबको पता है लेकिन इसके पीछे शांतिदूत थे, ये हम बता देते हैं। 4 सितंबर को ठाकुर ग्वालियर में लक्ष्मीबाई समाधि स्थल के सामने स्वाभिमान सम्मेलन में गरज रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा ‘दो महीने में बदल देंगे’। इस बंद को सफल बनाने के लिए रणनीति से लेकर भूमिका तक बाबा ने ही तय की थी।

इस भारत बंद के बाद कई गिरफ्तारियां हुई। विरोध में आगरा के ठाकुर बाहुल्य 22 गांव के लोग 9 सितंबर को खंदौली के सेमरा में महापंचायत करने वाले थे। यहां देवकी नंदन ठाकुर को आना था। लेकिन पुलिस ने महापंचायत होने नहीं दी। ध्यान देने वाली बात ये है कि बाबा हर उस स्थान पर मौजूद नजर आते हैं जहां एससी/एसटी एक्ट का विरोध हो रहा है या उसकी रणनीति बन रही है।

दलों के दलदल में बाबा का भी दल कूदा

9 सितंबर 2018 को वृन्दावन में ‘अखंड इंडिया मिशन’ का गठन किया गया। देवकी नंदन ठाकुर इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। करणी सेना ने इसे समर्थन दिया है। अगले लोकसभा चुनाव में बाबा अपने उम्मीदवार मैदान में उतारने का मन बना चुके हैं और उनके निशाने पर एससी-एसटी ही होंगे।

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एससी एसटी एक्ट के विरोध में मोर्चा खोले हुए देवकी नंदन ठाकुर को आखिरकार पुलिस ने आगरा में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने कथा वाचक और उनके समर्थकों को कमला नगर के एक होटल से गिरफ्तार किया जहां पर देवकी नंदन ठाकुर एससी एसटी एक्ट के विरोध में एक प्रेस वार्ता कर रहे थे।

ठाकुर का कहना था कि यह लोकतंत्र की हत्या है। लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है लेकिन पुलिस ने इस अधिकार को छीनते हुए लोकतंत्र की हत्या कर दी है। इसलिए उन्हें प्रेस वार्ता करने से रोक दिया गया।

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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