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जाकिर नाईक के बारे में ये '15 फैक्ट्स' नहीं जानते होंगे आप

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RishiBy Rishi

Published on 6 July 2018 11:04 AM GMT

जाकिर नाईक के बारे में ये 15 फैक्ट्स नहीं जानते होंगे आप
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लखनऊ : विवादित इस्लामिक धर्म उपदेशक जाकिर नाईक की पहचान नफरत फैलाने वाले भाषण देने, धनशोधन करने वाले के तौर पर है। लेकिन हममें से कई उनके बारे में ज्यादा नहीं जानते होंगे। ऐसे में हम आपके सामने रख रहे हैं उनकी जन्मकुंडली।

ये भी देखें :जाकिर नाईक का प्रत्यर्पण नहीं करेगा मलेशिया, जानिए पूरा माजरा

1. जाकिर को कट्टरपंथी सलाफ़ी विचारधारा का हामी माना जाता है।

2. जाकिर इस्लामिक रिसर्च फांउडेशन के संस्थापक और अध्यक्ष हैं।

3. जाकिर विवादित पीस टीवी चैनल के भी संस्थापक हैं।

ये भी देखें : जाकिर नाईक के संगठन IRF ने राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट को दिए थे 50 लाख रुपए

4. कई इस्लामी प्रचारकों के विपरीत, इनके व्याख्यान बोलचाल की भाषा में हैं।

5. जाकिर इंग्लिश में अपने उपदेश देते हैं न कि उर्दू या अरबी में।

6. जाकिर सूट और टाई पहनते हैं।

7. जाकिर ने सार्वजानिक रूप से इस्लाम में सांप्रदायिकता को अस्वीकार किया है।

8. ढाका आतंकवादी हमलों के बाद सामने आया कि हमलावर जाकिर से प्रभावित था।

9. जाकिर नाईक पेशे से एक डॉक्टर हैं।

10. जाकिर दक्षिण अफ्रीका के प्रसिद्ध उपदेशक मुनाज़िर अहमद दीदात से प्रभावित हैं।

11. मुसलमानों में भी एक वर्ग उनका कट्टर विरोधी है।

12. जाकिर ने मीडिया पर हमला करते हुए कहा कि ये दुनिया का सबसे बड़ा हथियार है, एक हीरो विलेन बना सकता है। जिसकी चर्चा दुनिया भर में हुई।

13. फेसबुक पर जाकिर के एक करोड़ चालीस लाख और ट्विटर पर एक करोड़ से अधिक फॉलोअर्स हैं।

14. जाकिर इस समय मलेशिया में रह रहे हैं।

15. मलेशिया ने जाकिर नाईक का प्रत्यर्पण करना से मना कर दिया है।

Rishi

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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