Top

ओवरटाइम से नाराज महिलाओं का पतियों के ऑफिस के बाहर नाइटसूट में प्रदर्शन

By

Published on 10 Aug 2016 11:58 AM GMT

ओवरटाइम से नाराज महिलाओं का पतियों के ऑफिस के बाहर नाइटसूट में प्रदर्शन
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

बीजिंग: बॉस को अक्सर ही वाइफ की सौतन कहा जाता है क्योंकि बॉस की वजह से ही मजबूर पति देर तक अपने घर नहीं पहुंच पाते हैं और उनकी वाइव्स को देर रात तक जागकर इंतजार करना पड़ता है। ऐसा ही कुछ देखने को मिला हाल ही में चीन के शंघाई में, जहां पतियों के ओवरटाइम से परेशान होकर वाइव्स ने प्रदर्शन कर दिया। इसमें कम से कम 40 महिलाओं का एक ग्रुप ऑफिस के बाहर नाइट सूट में ही पहुंच गया। उन्होंने अपने हाथों में तख्तियां पकड़ रखी थी, जिसमें उन महिलाओं ने अपने-अपने दर्द को बयान किया था।

जानिए क्यों किया वाइव्स ने ऐसा

ऐसा नहीं है कि वे महिलाओं चर्चा में आने के लिए ऐसा प्रदर्शन किया है। सच तो यह है कि वे सभी महिलाएं पतियों के ओवरटाइम से परेशान थी और इसे वह समाज के सामने लाना चाहती थी। इस प्रदर्शन का मकसद रहा कि सरकार ओवरटाइम पर सख्त कानून बनाए। बता दें कि एक सर्वे में मुताबिक चीन में काम के दबाव के चलते 73 फीसदी कर्मचारी ओवरटाइम करते हैं।

china1

तख्तियों पर बयान किया दिल का दर्द

इन महिलाओं का ग्रुप पतियों के ऑफिस के बाहर हाथों में तख्तियां लेकर खड़ा था, जिनपर तरह-तरह के मैसेज से उन्होंने अपना दर्द बयान किया था। उनमें से एक महिला की तख्ती पर लिखा था ‘तुमने प्रॉमिस किया था कि एक्स्ट्रा वर्क रूटीन टाइम में ही निपटा लोगे। लेकिन तुम प्रॉमिस निभाने में फेल हो गए। मुझे घर पर अकेले ही डिनर करना पड़ता है।‘ दूसरी ने लिखा था ‘तुम्हें पता है कि मुझे तुम्हारे बिना नींद नहीं आती है। रातभर जागना पड़ता है’। वहीं एक एनी महिला ने लिखा ‘हफ्ते में एक महंगे कैंडिल नाइट डिनर से इसकी भरपाई नहीं हो सकती। घर के खाने का टेस्ट ही अलग होता है’।

china

ऑफिस में करवा रहे सोने की व्यवस्थाएं भी

चीन के लोग काफी हार्ड वर्किंग मने जाते हैं और इसी वजह से चीनी कंपनियां ऑफिस में रेस्ट रूम बनवा रही हैं। जिसमें उनके रहने की सभी व्यवस्थाएं रहती हैं। इस बारे में उनका मानना है कि काम के बीच में कर्मचारी रेस्ट ले सकें इससे उनके काम करने की क्षमता में बढ़ोत्तरी होती है।

Next Story